जन संदेश न्यूज नेटवर्क हिसार के लाल ने किया कमाल
| नरेंद्र कुमार |
गुरुग्राम: गुरुग्राम में रहने वाले नरेंद्र कुमार ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर पांच दिन में दो बार चढक़र तिरंगा फहराकर विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। नरेंद्र भारत के पहले ऐसे नागरिक बन गए हैं जिसने पांच दिन में दो बार माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराया है।
नरेंद्र कुमार के अनुसार, उन्होंने 26 दिसंबर 2021 को माउंट किलिमंजारो नेशनल पार्क से अपनी चढ़ाई शुरू की और 28 दिसंबर 2021 को छह बजे अपना पहला सबमिट किया और तिरंगा फहराया। इसके बाद वापस किलिमंजारो राष्ट्रीय उद्यान पहुंचे और फिर से तेज गति के साथ अपनी चढ़ाई शुरू की। 30 दिसंबर 2021 को दूसरी बार तेज गति से आगे बढ़ते हुए वहां चोटी पर पहुंच एक बार फिर देश के झंडे को फहराया। ऐसा करने वाले वह अब भारत के पहले पर्वतारोही बन गए हैं। नरेंद्र वह मूलरूप से हिसार के रहने वाले हैं। पिछले दस साल से वह गुरुग्राम के सेक्टर.15 पार्ट-2 में रह रहे हैं। इनके पिता सुभाष चंद्र आबकारी विभाग में अधिकारी के पद से रिटायर्ड हैं। नरेंद्र का मुख्य लक्ष्य अब एवरेस्ट पर चढ़ाई करने का है, उसकी तैयारियों को लेकर वह दिन-रात मेहनत करने में लगे हुए हैं। साथ-साथ खुद ही पढ़ाई भी कर रहे हैं। नरेंद्र को बचपन से पहाड़ों पर रहने और उन पर चढऩे का शौक था। बचपन में भी वह कई बार परिवार के साथ कई पहाडों पर चढक़र आ चुके हैं। अब वह अपना शौक पूरा करने के लिए दुनिया की ऊंची चोटियों पर चढक़र देश का नाम रोशन करना चाहते हैं। नरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने शौक को पूरा करने के लिए सबसे पहले मनाली स्थित अटल बिहारी संस्थान में बेसिक माउंटेरिंग कोर्स किया। फिर दार्जलिंग में एडवांस माउंटेरिंग कोर्स हिमालय माउंटेरिंग संस्थान में कोर्स पूरा किया। उन्होंने बताया कि इन कोर्स के दौरान पहाड़ों में आने वाली मुसीबतों से कैसे सामना करें इसके बारे में पूरी गहनता के साथ जानकारी जुटाकर इन कोर्स को पूरा किया। नरेंद्र कुमार भारत की माउंट यूनम, माउंट बीसी रॉय, माउंट देवटीबा, माउंट फ्रैंडशिप की चढ़ाई पूरी कर चुके हैं।
अब एवरेस्ट फतह का लक्ष्य
नरेंद्र कुमार भारत की पहली एवरेस्ट फतेह करने वाली बछेंद्री पाल से प्रभावित होकर अब एवरेस्ट फतेह करने की तैयारी में जुट गए हैं। बछेंद्री पाल ने 1994 में एवरेस्ट को फतेह किया था। इन्होंने बताया कि अब पढ़ाई पूरी करने के साथ अप्रैल में एवरेस्ट पर चढ़ाई शुरू करेंगे।
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