प्रदेश में महंगाई दर सबसे अधिक: अभय

 प्रदेश में महंगाई दर सबसे अधिक: अभय

जन संदेश न्यूज नेटवर्क- हरियाणा

चंडीगढ़: इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने देश और प्रदेश में लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को भाजपा सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि बेतहाशा बढ़ी महंगाई और बेरोजगारी की जिम्मेदार पूर्ण रूप से भाजपा गठबंधन सरकार की जनविरोधी नीतियां हैं। बेहद शर्म की बात है कि बेरोजगारी में देश में नंबर वन हरियाणा अब महंगाई में भी पूरे देश में पहले नंबर पर आ गया है। केंद्र सरकार बहुमुल्य सरकारी संपतियों और लाभकारी सार्वजनिक औद्योगिक इकाइयों को पूंजिपतियों को बेचने में लगी है जिससे केंद्र में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियां न के बराबर ही बची हैं। वहीं, हरियाणा प्रदेश के युवाओं का भविष्य भाजपा गठबंधन सरकार ने हजारों नौकरियों को रद्द कर खराब कर दिया है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा में महंगाई दर 6.64 प्रतिशत हो गई है जो पूरे देश में सबसे अधिक है। रोजमर्रा काम में आने वाली जरूरी चीजें जैसे खाद्य तेल, दूध, फल, चीनी, मिठाई, कपड़े, जूते, ईंधन और बिजली सभी महंगे हो गए हैं। पैट्रोल, डीजल और गैस पर भारी टैक्स लगाकर खट्टर सरकार अपना खजाना भर रही और जनता को दोनों हाथों से लूट रही है। प्रदेश के युवाओं के लिए तो भाजपा गठबंधन काल बन कर आया है। प्रदेश सरकार का उत्तरदायित्व बनता है कि युवाओं के भविष्य के लिए जरूरी उच्च स्तर की शिक्षा उपलब्ध करवाए लेकिन विडंबना है कि भाजपा राज में आज शिक्षा बेहद महंगी हो गई है।

बेरोजगारी दर में 34.1 प्रतिशत के साथ हरियाणा पहले से ही पूरे देश में पहले स्थान पर है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए गठबंधन सरकार ने 9376 पदों पर विज्ञापन जारी होने के बाद भर्तियां रद्द करके 12 लाख आवेदकों का भविष्य अधर में लटका दिया और योग्य युवाओ के सपनों पर पानी फेर दिया। सरकार द्वारा प्रदेश के युवाओं को निजी नौकरियों में 75 प्रतिशत रोजगार देने का फैसला भी युवाओं के साथ धोखाधड़ी के अलावा कुछ नहीं है क्योंकि यह कानून बिना किसी ठोस आधार पर बनाया गया है।

एसएन अग्रवाल आयोग की जांच रिपोर्ट स्वीकार करे भाजपा सरकार

इनेलो विधायक ने बसताड़ा टोल प्लाजा हिंसा मामले की जांच कर रहे न्यायमूर्ति एसएन अग्रवाल (सेवानिवृत्त) के अखबार में छपे बयान जिसमे न्यायमूर्ति ने कहा है कि उनकी रिपोर्ट तैयार है, लेकिन सरकार ने इसे नहीं लिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा सरकार को तैयार जांच रिपोर्ट को स्वीकार करना चाहिए। इनेलो पार्टी ने किसानों के समर्थन में भाजपा गठबंधन सरकार से यह मांग रखी थी कि बसताड़ा टोल पर किए गए बर्बर लाठीचार्ज की जांच आयोग द्वारा न्यायिक जांच की जाए। जिसके बाद भाजपा सरकार द्वारा न्यायमूर्ति एसएन अग्रवाल (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में आयोग का गठन 25 सितंबर, 2021 को यह पता लगाने के लिए किया गया था कि 28 अगस्त को बसताड़ा टोल प्लाजा पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज क्यों हुआ था।

इनेलो नेता ने कहा कि बसताड़ा टोल पर हुए लाठीचार्ज की घटना पर भले ही किसानों और सरकार में समझौता हो गया है लेकिन जिस तरह की असंवैधानिक भाषा और कानून का मजाक तत्कालीन आईएएस अधिकारी, जो उस समय एसडीएम के पद पर तैनात थे, द्वारा बनाया गया उसकी जांच होना बेहद जरूरी थी। इतना ही नहीं भाजपा सरकार ने उक्त आईएएस को बचाते हुए इस दौरान प्रमोशन देकर एडीसी जैसे अति महत्वपूर्ण पद पर तैनात कर दिया। जांच आयोग अधिनियम 1952 के नियमों के अनुसार सरकार द्वारा गठित किए गए आयोग की रिपोर्ट स्वीकार करना अनिवार्य है। सरकार को जांच आयोग की रिपोर्ट स्वीकार करनी चाहिए और आने वाले विस सत्र में सदन पटल पर भी रखी जाए। जांच रिपोर्ट में अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाई कर दोषी को सजा दिलवानी चाहिए। गौरतलब है कि आईएएस अधिकारी आयुष सिन्हा ने कथित तौर पर पुलिस को किसानों के सिर तोडऩे का निर्देश दिया था जिसका एक वीडियो टेप सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। टेप में सिन्हा यह कहते हुए पकड़े गए थे कि अगर प्रदर्शनकारी किसान करनाल में भाजपा के कार्यक्रम तक पहुंचने के लिए बैरिकेड्स तोड़ते हैं तो इनके सिर तोड़ दो।

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