1400 किमी स्कूटर चला लॉकडाउन में बेटे को वापस लाई थी मां, अब यूक्रेन में फंसा लाडला

जन संदेश न्यूज नेटवर्क

निजामाबाद: 25 मार्च, 2020 को भारत में कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन लगाया गया था। उस दौरान एक महिला काफी चर्चा में आई थी जिसने स्कूटर पर 1400 किलोमीटर का सफर तय करके अपने बेटे  अमन को रेसक्यू किया था। उस वक्त हर आमजन की जुबां पर यही था कि 'ओ मां तूझे सलाम, तेरे बच्चे तुझ को प्यारे राव हो या राम'। वहीं महिला अब दोबारा से खबरों में बनी हुई हैं। इनका बेटा एक बार फिर से मुश्किलों में आ गया है। महिला का नाम रजिया बेगम है और वह तेलंगाना के निजामाबाद जिले के एक सरकारी स्कूल में टीचर हैं।

रजिया का बेटा निजामुद्दीन अमन यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गया था लेकिन अब वहां फंसा हुआ है। बेटे की भारत वापसी के लिए मां प्रार्थना कर रही हैं। अमन यूक्रेन के सूमी शहर में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है और वह प्रथम वर्ष का छात्र है।

जानकारी के लिए बता दें किए यूक्रेन के जिस शहर में अमन है वह रूस की सीमा के करीब स्थित है और ज्यादातर भारतीय छात्र सूमी शहर के स्टेट मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हैं। इस समय जो यूक्रेन से खबरें मिल रही हैं, उससे रजिया बहुत डर गई हैं। गौरतलब है कि एक भारतीय छात्र की रूसी सेना की गोलीबारी में मौत हो गई और एक छात्र गंभीर रूप से घायल है। 

मां रजिया ने अपने बेटे की वापसी के लिए प्रधानमंत्री मोदी और  मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव, राज्य के गृह मंत्री मोहम्मद महमूद अली से गुहार लगाई है। रजिया ने ने केवल अपने बेटे बल्कि यूक्रेन में फंसे अन्य भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी की मदद की गुहार लगाई है। एक न्यूज एंजेसी के अनुसार, रजिया ने बताया कि अमन इस समय बंकरों में बंद है और फोन पर ही केवल उससे बात हो पा रही है। उन्होंने कहा कि उसने मुझे आश्वस्त करने के लिए फोन किया कि वह ठीक है और मुझे उसके बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है जिस जगह वह अभी रह रहा है वहां से परिवहन संपर्क कट गया है।

गौरतलब है किए दो साल पहले रजिया बेगम ने कोरोना लॉकडाउन लागू होने के बाद अपने बेटे को वापस घर सुरक्षित लाने के लिए लंबी यात्रा की थी। रजिया का बेटा आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में फंसा हुआ था और अपने बेटे को वापस लाने के लिए स्थानीय पुलिस की अनुमति के बाद अकेले ही निकल गई थीं। 1400 किलोमीटर की सफर तय करके वह अपने बेटे को वापस घर लेकर लौटी थीं। रजिया 6 अप्रैल 2020 को पुलिस की इजाजत लेकर अकेले ही स्कूटी से आंध्र प्रदेश के नेल्लोर के लिए निकल गईं थी और लगातार स्कूटी चलाकर अगले दिन दोपहर नेल्लोर पहुंच गईं, फिर वहां से बेटे को लेकर वापस तेलंगाना लेकर लौटीं थी। इस समय जब बेटा यूके्रन में फंसा हुआ है तो मां चाहकर भी अपने बेटे को बचा नहीं पा रही है। 

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