पंजाब: भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

 जन संदेश न्यूज नेटवर्क

खटकड़ कलां: भगवंत मान ने बुधवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में पंजाब के 17वें  मुख्यमंत्री के पद और गोपनीयता की शपथ ली। मान को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शपथ दिलाई। इस समारोह में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत कई नेता पगड़ी पीली पहनकर शामिल हुए। 

48 वर्षीय भगवंत मान धुरी विधानसभा सीट से 58,206 वोट से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी दलवीर सिंह गोल्डी को परास्त किया है। आम आदमी पार्टी की बात की जाए तो 117 विधानसभा सीटों में से पार्टी ने 92 सीटों पर एकतरफा जीत दर्ज की है। शपथ ग्रहण समारोह से पहले भगवंत मान ने पंजाबी में ट्वीट किया कि 'सूरज की सुनहरी किरण आज एक नया सवेरा लेकर आई है। भगत सिंह और बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने के लिए आज पूरा पंजाब खटकड़ कलां गांव में शपथ लेगा।

कांग्रेस के 17 पूर्व कैबिनेट मंत्रियों समेत 40 विधायकों को आलीशान फ्लैट खाली करने का आदेश

पंजाब में 'आप' की सरकार बनने के बाद कांग्रेस के 17 पूर्व कैबिनेट मंत्रियों समेत 40 विधायकों को अपने आलीशान फ्लैट खाली करने का आदेश दिया गया है।  पता चला है कि पूर्व कैबिनेट मंत्रियों और पूर्व विधायकों को 26 मार्च तक फ्लैट खाली करने को कहा गया है । अगर इन आदेशों का पालन नहीं किया गया तो इन फ्लैटों का किराया कई गुना ज्यादा हो जाएगा । जानकारी के मुताबिक पंजाब विस के विजयी विधायकों को चंडीगढ़ में रहने के लिए सेक्टर-2 और सेक्टर-4 में सरकारी फ्लैट दिए जाएंगे। इन फ्लैटों को आवंटित करने वाले सभी विधायकों को अगले चुनाव में हार का सामना करने के बाद फ्लैट खाली करने होंगे ताकि उनके स्थान पर विजयी विधायकों को आवास के लिए सरकारी फ्लैट आवंटित किए जा सकें। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद भगवंत मान एक्शन मोड में आ गए हैं। 

पंजाब सरकार ने 57 पूर्व मंत्री और विधायकों को सरकारी बंगले खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया है। इसके लिए सरकार ने 26 मार्च तक का समय दिया है। तय समय पर आवास खाली नहीं करने वालों को कई गुना किराया देना होगा।

पिछली सरकार में 17 पूर्व मंत्री और 40 पूर्व विधायकों को सरकारी आवास और बंगले आवंटित हुए थे। चूंकि अब सरकार बदल गई है तो उन्हें नियम के मुताबिक इन्हें खाली करना होगा। सरकार ने सभी 57 पूर्व मंत्री और विधायकों को बंगले खाली करने का अल्टीमेटम जारी किया है। इनमें पंजाब के पांच बार के मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादलए शिअद प्रधान सुखबीर बादलए कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धूए बिक्रम सिंह मजीठिया के नाम भी शामिल हैं। 

पंजाब में सत्ता या विपक्ष में रहने वाले मंत्री और विधायकों को चंडीगढ़ में सरकारी आवास आवंटित किए जाते हैं। सत्ता से बाहर होने या फिर विधायक नहीं बनने की स्थिति में आवंटित आवासों को 15 दिन के भीतर खाली करना होता है। पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री रहे चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था। पार्टी की तरफ से उन्हें चमकौर साहिब और भदौड़ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया था। हालांकि वे इन दोनों सीटों से चुनाव हार गए। चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास को खाली कर दिया है।


कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved
made with by templateszoo