जन संदेश न्यूज नेटवर्क
सीएमओ से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सीएम ने यह घोषणा करने से पहले पूरा होमवर्क कर लिया था। बताते हैं कि वे सभी अग्निवीरों को नौकरी देने का फार्मूला तैयार कर चुके हैं। मुख्य सचिव की ओर से भी इस बाबत ड्रॉफ्ट तैयार किए जाने की सूचना है लेकिन इस पर अभी मुख्यमंत्री से विचार-विमर्श होना बाकी है। सीएम ने अग्निवीरों को हरियाणा पुलिस के साथ तृतीय श्रेणी के पदों पर नौकरी देने का ऐलान किया है। मौजूदा आरक्षण सिस्टम के हिसाब से सरकारी नौकरियों में अतिरिक्त आरक्षण का प्रबंध कर पाना संभव नहीं है। बताते हैं कि इसके लिए सरकार द्वारा गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पहले से चलाई जा रही पॉलिसी की तर्ज पर व्यवस्था की जा सकती है। जिस परिवार में एक भी सरकारी नौकरी नहीं है उन परिवारों के बच्चों को अतिरिक्त अंक दिए जाते हैं।
इसी तरह से जिन बच्चों के सिर पर पिता का साया नहीं है या फिर वे अनाथ हैं तो ऐसे बच्चों के लिए भी नौकरियों में अतिरिक्त अंकों का प्रावधान किया गया। सामाजिक-आर्थिक मानदंड के लिए भी अतिरिक्त 10 अंकों का प्रावधान सरकार कर चुकी है। ऐसे में बहुत संभव है कि हरियाणा पुलिस व तृतीय श्रेणी के लिए निकलने वाली नौकरियों में अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा दे चुके अग्निवीरों को भी अतिरिक्त अंक देकर सरकारी सेवाओं में एडजस्ट किया जाए। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सीएम इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही बैठक करेंगे। इसी बैठक में अग्निवीरों को गारंटेड नौकरी देने की घोषणा पर अमल करने का फार्मूला तय होगा। इसके लिए सरकार कानूनी जानकारों से भी राय लेगी।
मुख्यमंत्री प्रदेश के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन के अलावा हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी से भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। सभी तरह के पहलू जांचने-परखने के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।
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