आजादी पूर्व स्थापित ग्रामोत्थान विद्यापीठ ने अपने 105वें स्थापना दिवस के अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया ।




9 अगस्त 1917 को चौधरी बहादुर सिंह भोबिया ने अपने साथी ठाकुर गोपाल सिंह द्वारा दान की गई भूमि एवं समाज के अन्य लोगों के सहयोग से जाट एंग्लो संस्कृत विद्यालय की स्थापना की। यही विद्यालय 1932 से 1972 तक  स्वामी केशवानंद जी के मार्गदर्शन में खूब फला फूला एवं ग्रामोत्थान विद्यापीठ के नाम से विख्यात हुआ । कार्यक्रम की शुरुआत  प्रातः ग्रामोत्थान विद्यापीठ उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में स्थित संध्या चौक पर हवन के साथ हुआ। अतिथियों ने चौधरी बहादुर सिंह भोबिया एवं स्वामी केशवानंद के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। 


ग्रामोत्थान विद्यापीठ सचिव सुखराज सिंह सलवारा ने हवन पश्चात भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संगरिया के विद्यार्थियों के लिए सेंचुरी-इ- लाइब्रेरी की शुरुआत आज हम करने जा रहे हैं, यह सुविधा संगरिया एवं आसपास के छात्रों के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी साबित होगी। छात्रों को अपने पसंद के हिसाब से आगे की पढ़ाई करनी चाहिए इस बात पर भी सचिव महोदय ने जोर दिया। 



बी. एड. कॉलेज के प्रांगण में स्थित सेंचुरी-इ-लाइब्रेरी का उद्घाटन  अतिथियों ने फीता काटकर किया। ग्रामोत्थान विद्यापीठ के कर्मचारियों के लिए 15 क्वार्टर इसी सत्र में बनाए जाने हैं, जिसका भूमि पूजन, गुलाब सिंवर, डॉक्टर ओम प्रकाश अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, सीताराम सोमानी, सोहनलाल मरेजा एवं सचिव सुखराज सिंह सलवारा के हाथों संपन्न हुआ। 



एसकेएम पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी यशवी, गरिमा, मन्नत, तनिष्का, एशमीन, दीक्षा, सक्षम, सौम्या, मयंक, एवं जैस्मिन ने "चित्रकूट के घाट पर सबरी देखे बाट" एवं "तुलसी मीठे वचन तेरे, सुख उपजत चहुं ओर"  भजन गाकर पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया।


हवन स्थल पर एडवोकेट छोटू राम विश्नोई ने संस्था की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए ग्रामोत्थान विद्यापीठ के संस्थापकों के प्रयास को सराहा।


स्वामी केशवानंद महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर के आर  गोदारा ने इस बात को रेखांकित किया कि  छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव पर भी जोर देना चाहिए।


संस्था के पूर्व अध्यापक एवं वर्तमान पार्षद रामेश्वर शास्त्री जी ने लोगों से आह्वान किया सभी लोग शाम में अपने घरों पर कम से कम एक घी का दीपक अवश्य जलाएं। संस्था सचिव ने बताया कि 9 अगस्त शाम में, एसकेएम पब्लिक स्कूल में स्थित बहादुर सिंह भोबिया एवं स्वामी केशवानंद जी की मूर्ति पर दीप प्रज्वलित करने की प्रथा चली आ रही है।

इस मौके पर ग्रामोत्थान विद्यापीठ बी. एड. कॉलेज के  प्राचार्य डॉ सुरेंद्र सहारन, कृषि विज्ञान केंद्र प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर डॉ अनूप कुमार, एस के कॉलेज प्राचार्य आदित्य तूर, कन्या विद्यालय प्राचार्या स्नेह लता गाबा, उच्च माध्यमिक विद्यालय प्राचार्य विनोद राव एवं एसकेएम पब्लिक स्कूल प्राचार्य कृष्ण मुरारी अपने-अपने विभाग के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के साथ मौजूद रहे।

स्थापना दिवस कार्यक्रम में श्री बृजलाल गोदारा, रामलाल बीशू , शोयपत बेनीवाल, राजीव  सिहाग, अमिचंद्र राव, पार्षद अनिल भोबिया, विजेंद्र कशंवा, बार संघ अध्यक्ष इंद्रपाल बेनीवाल व संस्था के पूर्व प्राचार्य एवं कर्मचारी डॉ के आर  मोटसरा, रमेश जोशी, ओ पी यादव, एन के शर्मा, आर के ढाका इत्यादि मौजूद रहे। इस मौके पर विद्यापीठ के सभी संस्थाओं ने अपने अपने परिसर में वृक्षारोपण भी किया। एसकेएम पब्लिक स्कूल प्राचार्य कृष्ण मुरारी ने मंच संचालन करते हुए सभी मेहमानों का इस कार्यक्रम में शामिल होने पर ग्रामोत्थान विद्यापीठ के तरफ से तहे दिल से आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में केन्द्रीय कार्यालय ग्रामोत्थान विद्यापीठ में निशुल्क झंडा वितरण का कार्यक्रम रखा गया। जिसका शुभांरभ सस्था सचिव सुखराज सिंह सलवारा ने सीनियर सीटीजन एडवोकेट छोटूराम को तिरंगा भेंट करके किया। संस्था की ओर से यह तय किया गया हे कि कोई भी अपने घर,दुकान, कार्यालय,विद्यालय में आजादी के इस #अमृत_महोत्सव के अवसर पर #तिरंगा ध्वज फहराना चाहे, केन्द्रीय कार्यालय से ससम्मान निशुल्क प्राप्त कर सकता है।


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