2020 के चुनाव में भाजपा को 74 और जेडीयू को 43 सीटें मिली, इसे लेकर भी नीतीश को अपना कद घटता मालूम हो रहा था
जन संदेश न्यूज नेटवर्क
पटना: बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ लिया है और वह आठवीं बार मुख्यमंत्री बनते हुए आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट दलों के साथ मिलकर सरकार बना ली है। तेजस्वी यादव को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है। नीतीश ने यह फैसला अचानक ही लिया है जिसने बिहार समेत देश भर के लोगों को चौंकाया है लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब नीतीश ने इस तरह से अपना रुख बदला है। इससे पहले भी वह 2013 में एनडीए को छोड़कर आरजेडी और कांग्रेस के साथ चले गए थे। फिर 2017 में एक बार पुन: भाजपा के साथ चले आए थे। इस तरह वह राजनीति में कई बार पाला बदल चुके हैं।
नीतीश ने एनडीए संग 17 साल पुराने रिश्ते को अचानक छोड़ा था
नीतीश की बिहार में एक अच्छी छवि है और उसके बूते ही वह जेडीयू से ज्यादा सीटें जीतने वाली आरजेडी और भाजपा को अपनी शर्तों पर साधते रहे हैं। उन्होंने कई बार राजनीतिक पंडितों को अब अपने पैंतरों से चौंकाया है। 2005 में भाजपा संग बिहार की सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार ने पहली बार 2012 में चौंकाया था। वह एनडीए में थे लेकिन राष्ट्रपति चुनाव में प्रणब मुखर्जी को वोट दिया था। इसके बाद 2013 में जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी को पीएम कैंडिडेट घोषित किया तो नीतीश कुमार ने 17 साल पुराने रिश्ते को ही खत्म कर दिया था।
मांझी को सीएम बनाकर चौंकाया, फिर महागठबंधन भी छोड़ा
जेडीयू ने उसके बाद 2014 का आम चुनाव आरजेडी के साथ ही मिलकर लड़ा था लेकिन भाजपा की लहर में करारी हार हुई। तब नीतीश ने चौंकाते हुए सीएम पद से ही इस्तीफा दे दिया था और फिर जीतन राम मांझी सीएम बने थे। जेडीयू को बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से महज 2 पर ही जीत मिली थी। इसके बाद नीतीश ने 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन संग उतरने का फैसला लिया था और जीत भी हासिल की थी। यही नहीं जून 2017 में जब वह महागठबंधन के साथ तो राष्ट्रपति चुनाव में यूपीए की मीरा कुमार की बजाय एनडीए के रामनाथ कोविंद को वोट दिया था।
इसके एक महीने बाद ही जुलाई में उन्होंने महागठबंधन छोड़ दिया था और एक बार फिर से भाजपा के साथ ही सरकार बना ली। पिछले 5 सालों से भाजपा और जेडीयू साथ चल रहे थे लेकिन इसी साल अप्रैल में एक बार फिर से उन्होंने चौंका दिया था। नीतीश ने राबड़ी के घर आयोजित इफ्तार पार्टी में हिस्सा लिया था। 5 साल बाद हुई इस मुलाकात के बाद से ही कयास तेज हो गए थे जिनका अंत अब होने वाला है। अब नीतीश कुमार ने एक बार फिर से चौंकाया है और वह एनडीए को छोड़कर कांग्रेस और आरजेडी संग सरकार बनाने जा रहे हैं। साभार
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