गायों में फैल रही रहस्यमय बीमारी


जन संदेश न्यूज नेटवर्क

जगाधरी: आजकल गायों में रहस्यमय बीमारी फैली हुई है। इसमें गायों के शरीर में चकते बनकर फूट रहे हैं। बीमारी ने पशुपालकों की नींद उड़ाई हुई है। परेशान पशुपालकों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। पशुपालन विभाग के अधिकारी इसे वायरल संक्रमण रोग बताते हुए एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं।

पशुपालक एवं किसान संघ के पदाधिकारी रामबीर सिंह चौहान, शिव कुमार आदि ने बताया कि ज्यादातर गाय इस रोग की चपेट में आई हुई हैं। पिछले 10 दिनों के अंदर यह ज्यादा फैला है। इसकी चपेट में अमेरिकन नस्ल की गाय ज्यादा हैं। उनका कहना है कि गायों के शरीर पर चकते पड़कर ये फुंसी का रूप ले रहे हैं। बड़े फफोले भी बन रहे हैं। ये फूट कर जख्म बन रहे हैं। पशुपालकों का कहना है कि इससे पशुओं की खुराक कम हो गई हैं। कमजोरी तेजी से गायों को चपेट में ले रही है। उनका कहना है कि दुधारू गाय ज्यादा इस रोग की चपेट में हैं। बीमारी के साथ गायों को तेज बुखार भी हो रहा है।

पशुपालन विभाग के पूर्व चिकित्सक डा. संत भारद्वाज के अनुसार, यह वायरस इन्फेक्शन विषाणु है। इसमें गाय को 104 से 105 तक बुखार होता है। इसके साथ एलर्जी शुरू होती है। उनका कहना है कि पहले भी यह बहुत कम होती थी लेकिन इस बार बहुत ज्यादा गाय इससे ग्रस्त हैं। उनका कहना है कि इससे ग्रस्त गाय के जख्म पर बैठी मक्खी यदि दूसरी गाय पर बैठ जाए तो उसके भी बीमार होने का खतरा रहता है। डा. संत का कहना है कि बीमार गाय को एंटीबाइटिक टीके लगवाएं, एलर्जी को खत्म करने के लिए एविल दवाई दी जाती है। जख्म सुखाने के लिए भी दवाई जाती है। इसमें सबसे ज्यादा ध्यान बुखार उतारने पर रहता है। डा. संत का कहना है कि हो सके तो बीमार गाय को दूसरी गायों से अलग रखें। इनकों सही खुराक दें। 10 से 15 दिन के अंदर रिकवरी होती है। उनका कहना है कि समय पर सही इलाज ने मिलने पर पशु की जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है।

पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डा. प्रेम सिंह के अनुसार, यह लंपी स्किन रोग है। इसे लेकर विभाग ने एडवाइजरी जारी की हुई है। उनका कहना है कि इस बीमारी से मृत्यु दर बहुत कम है। डा. प्रेम सिंह ने पशुपालकों से बीमार पशुओं (गायों) का ध्यान रखने की सलाह दी है। उनका कहना है कि रोग के लक्षण दिखते ही पशु चिकित्सक से संपर्क कर इलाज शुरू कराएं।


पशु तस्करों को गौ रक्षा दल ने पीछा करके दबोचा 


गुरुग्राम: गुरुग्राम में गौ रक्षा दल ने पशु तस्करों की दो गाडिय़ों को दो किलोमीटर तक पीछा कर 

कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) पंचगांव के पास गुरुग्राम में गौ रक्षा दल ने पशु तस्करों की दो गाडिय़ों को दो किलोमीटर तक पीछा करके पकड़ लिया और चार तस्करों को दबोच कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने तस्करों के खिलाफ बिलासपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दल के सदस्यों ने तस्करों के ट्रक और टाटा 407 से 26 जिंदा पशु और तीन मरे हुए पशु बरामद किए हैं। इसके साथ ही तस्करों के पास एक कट्टा भी बरामद किया गया है।

मोहम्मदपुर झाड़सा निवासी साहिल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बजरंग दल और गौ रक्षा दल से जुड़ा हुआ है। उसने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर एक ट्रक और टाटा 407 में पशु लेकर केएमपी से दिल्ली की तरफ से आकर पलवल की तरफ जाएंगे। सूचना के आधार पर उन्होंने केएमपी पर फर्रुखनगर के पास कॉओ प्रोटेक्शन सेल के साथ मिलकर नाका लगाकर जांच शुरू कर दी, तभी उन्होंने ट्रक और टाटा 407 को आते देखकर उन्हें रुकवाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने वाहनों को रोकने के बजाय पलवल की तरफ भगाना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने भी उन पशु तस्करों का पीछा किया, तभी टाटा 407 डिवाइडर से टकराई और उसका टायर फट गया।

टायर फटने के बाद भी पशु तस्कर टाटा 407 को चलाते रहे। गाडिय़ों को रुकवाने के लिए पीछे से टाटा 407 को रुकवाया तो वह केएमपी पर पूरा घूम गया और उसके बाद भी भगाने लगे। उन्होंने लगभग दो किलोमीटर तक पीछा कर ट्रक और टाटा 407 को रुकवा लिया। इसके बाद उनमें सवार सभी तस्कर उतरकर भागने लगे तभी चार तस्करों को पकड़ लिया और उनसे एक कट्टा भी बरामद किया गया।

चारों तस्कर नूंह जिले के रहने वाले हैं। जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर चार तस्करों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि वह इन पशुओं को दिल्ली से नूंह लेकर जा रहे थे। सभी पशुओं को मानेसर गोशाला में छोड़ दिया गया है।


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