टीम इंडिया के अब तक के पांच शीर्ष ऑलराउंडर्स

जनसंदेश न्यूज नेटवर्क

चंडीगढ़: नंबर एक टेस्ट गेंदबाज के बाद हाल ही में रवींद्र जाडेजा सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर भी बन गए हैं। टीम इंडिया में एक अदद ऑलराउंडर की कमी हमेशा रही है। कई खिलाड़ी आए और गए लेकिन एक ऑलराउंडर की जगह भरी नहीं जा सकी। कपिल देव के संन्यास लेने के बाद तो टीम इंडिया के लिए मुश्किलें और भी बढ़ गई थीं। लेकिन इरफान पठान के आने के बाद सबको लगा कि शायद यह खाली जगह भर गई है। लेकिन उनके ड्रॉप होने के बाद स्थिति जस की तस हो गई है। लेकिन अब टीम इंडिया के पास ऑलराउंडर्स की एक अच्छी बेंच स्ट्रेंथ है। जाडेजा के अलावा हार्दिक पंड्या भी इस भूमिका को बखूबी निभा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं टीम इंडिया के अब तक के 5 शीर्ष ऑलराउंडर्स के बारे में-

इरफान: इरफान पठान ने अपने भाई यूसुफ से काफी पहले डेब्यू कर लिया था। मुल्तान टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ हैट्रिक लेने के बाद हर कोई उनका दीवाना हो गया था। लेकिन ग्रेग चैपल ने उन्हें कई बार नंबर 3 पर भी आजमाया, उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया। 29 टेस्ट मैचों में उन्होंने 100 विकेटों के अलावा 1105 रन भी बनाए हैं जिसमें एक शतक व 9 अर्धशतक शामिल हैं। 120 वनडे मैचों में उन्होंने 173 विकेट और 1544 रन बनाए हैं।

रवि शास्त्री: फिलहाल टीम इंडिया के कोच हैं। 150 वनडे में उन्होंने 129 विकेट और 3109 रन बनाए हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड ठीक ठाक है। 80 टेस्ट मैचों में उन्होंने 11 शतक और 12 अर्धशतक की मदद से 3830 रन बनाए हैं और 151 विकेट झटके हैं। सिडनी में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दोहरा शतक भी बनाया था। 1985 में वह फस्र्ट क्लास क्रिकेट में 6 छक्के भी लगा चुके हैं।

रविचंद्रन अश्विन: यूं तो इन्हें गेंदबाज का ही दर्जा दिया जाता है लेकिन वह बल्लेबाजी भी अच्छी कर लेते हैं। 51 टेस्ट मैचों में 284 विकेट लेना शानदार उपलब्धि है लेकिन वह टेस्ट मैचों में नंबर 7 या 8 पर बल्लेबाजी करते हैं और वह अब तक 2000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। वह अब तक 4 टेस्ट शतक भी लगा चुके हैं।

वीनू माकंड: दाएं हाथ का यह बल्लेबाज किसी भी नंबर पर बैटिंग करने में माहिर था। साथ ही उनकी बाएं हाथ की बॉलिंग भी शानदार थी। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 1946 में डेब्यू किया था। 44 टेस्ट मैचों में उन्होंने 2109 रन बनाए थे और 162 विकेट भी लिए थे। उनके नाम 5 शतक और 7 अर्धशतक हैं। उन्होंने पंकज रॉय के साथ पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 413 रनों की साझेदारी की थी। यह रिकॉर्ड 52 वर्षों बाद ग्रीम स्मिथ और नीथ मिकैंजी ने तोड़ा था।

कपिल देव: दुनिया के सर्वकालीन महान ऑलराउंडर्स में से एक। इनकी कप्तानी में 1983 का विश्व कप भारत ने अजेय वेस्टइंडीज को हराकर जीता था। सेमीफाइनल में जिम्बॉब्वे के खिलाफ उनकी 175 रनों की नाबाद पारी आज भी विश्व कप इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारी मानी जाती है। वह इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 5000 रन और 400 विकेट झटके हैं। उन्हें विजडन इंडियन क्रिकेटर ऑफ द सेंचुरी का तमगा भी हासिल हो चुका है।

टेस्ट इतिहास में इन 5 बल्लेबाजों के नाम है लगातार शतक जडऩे का रिकॉर्ड लिस्ट में भारतीय भी है: क्रिकेट में शतक लगाना किस बल्लेबाज का ख्वाब नहीं होता। अपनी टीम के लिए सेंचुरी ठोककर उसे जीत की राह पर ले जाना हर कोई चाहता है। लेकिन विश्व क्रिकेट में कई खिलाड़ी ऐसे भी हुए हैं जिन्होंने लगातार टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़े हैं। इन खिलाडिय़ों के नाम भी शायद आपको मालूम नहीं होंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस सूची के शीर्ष 5 बल्लेबाजों में न तो सचिन तेंडुलकर, ब्रायन लारा और न ही डॉन ब्रैडमैन हैं। आइए आपको बताते हैं इन्हीं खिलाडिय़ों के बारे में-

वॉरेन बैर्डस्ली: ऑस्ट्रेलिया के इस बल्लेबाज के नाम लगातार तीन मैचों में शतक लगाने का रिकॉर्ड है। वह इस सूची में पांचवे नंबर पर हैं। उन्होंने ओवल में 9 अगस्त 1909 को इंग्लैंड के खिलाफ 136 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने इसी मैच की दूसरी पारी में 130 रन जड़ दिए। इसके एक साल बाद 9 दिसंबर 1910 को उन्होंने सिडनी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 132 रन बनाए।

राहुल द्रविड़: मिस्टर भरोसेमंद और द वॉल के नाम के मशहूर राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में लगातार 4 शतक लगाए हैं। उन्होंने 8 अगस्त 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में 115 रन बनाए थे। इसके बाद लीड्स टेस्ट में फिर उनका बल्ला चला और उन्होंने शानदार 148 रन बनाए। 5 सितंबर 2002 को उन्होंने ओवल टेस्ट में दोहरा शतक जड़ते हुए 217 रन बनाए। इसके बाद 9 सितंबर 2002 को वेस्टइंडीज के खिलाफ मुंबई में उन्होंने 100 रन नाबाद की पारी खेली।

एलन मेलविले: इस द. अफ्रीकी बल्लेबाज के नाम भी लगातार 4 शतक जडऩे का रिकॉर्ड है। उन्होंने 3 मार्च 1939 को डरबन में इंग्लैंड के खिलाफ 103 रन बनाए। इसके बाद 7 जून 1947 को नॉटिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 189 रनों की पारी खेली। इसी मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 104 रन बनाए। इसके बाद 21 जून 1947 को उन्होंने लॉड्र्स में इंग्लैंड के खिलाफ 117 रन ठोके।

जैक फिंगलेटन: ऑस्ट्रेलिया के इस बल्लेबाज ने भी लगातार 4 टेस्ट शतक जड़े हैं। टेस्ट मैच तो उन्होंने 18 ही खेले जिसमें 5 शतक बनाए। इसमें से चार उन्होंने 1 जनवरी 1936 को द.अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में, 15 फरवरी 1936 को द.अफ्रीका के ही खिलाफ जोहानिसबर्ग में, 28 फरवरी 1936 को डरबन में, 4 दिसंबर 1936 को इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिसबेन में बनाए थे।

सर एवर्टन वीक्स: वेस्टइंडीज के इस बल्लेबाज के नाम टेस्ट इतिहास में लगातार 5 शतक जडऩे का रिकॉर्ड है जो अब तक टूटा नहीं है। उन्होंने 27 मार्च 1948 को इंग्लैंड के खिलाफ किंग्स्टन में शतक जडऩे का सिलसिला शुरू किया था। इसके बाद वेस्टइंडीज टीम 10 नवंबर 1948 से 31 दिसंबर 1948 तक भारत दौरे पर आई। उन्होंने तीन टेस्ट मैचों में लगातार 4 शतक जड़े।

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