महाराष्ट्र में विधान भवन सेना कार्यालय पर शिंदे गुट ने जमाया कब्जा
जन संदेश न्यूज नेटवर्क
महाराष्ट्र: उद्धव-खेमे को एक और झटका देते हुए विधान भवन स्थित शिवसेना पार्टी का विधान कार्यालय 20 फरवरी को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के धड़े को सौंप दिया गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के विधायक आज विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मिलने वाले थे। बैठक का एजेंडा स्पीकर से शिवसेना के विधान भवन विधायी कार्यालय को सौंपने के लिए कहना था।
शिवसेना विधायकों ने दावा किया कि विधानसभा कार्यालय उन्हें सौंप दिया जाना चाहिए क्योंकि चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना घोषित कर दिया है और उन्हें ‘धनुष और तीर’ चिह्न आवंटित किया है। ठाकरे-गुट ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उद्धव ठाकरे खेमे ने शिंदे-गुट को शिवसेना पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न आवंटित करने के चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालाँकि उन्हें एक और झटका लगा जब शीर्ष अदालत ने कहा कि वह तुरंत इस मामले की सुनवाई नहीं करेगी क्योंकि आज सुनवाई की जाने वाली दलीलों की सूची में इसका उल्लेख नहीं है।
चुनाव आयोग ने 17 फरवरी को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के गुट को शिवसेना पार्टी का नाम और धनुष और तीर चिह्न आवंटित किया था। इसने राज्य में एक बड़े राजनीतिक बवाल को जन्म दिया क्योंकि उद्धव-खेमे ने फैसले पर सवाल उठाया। उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने भी कहा कि वे इस फैसले को कानून और जनता की अदालत में चुनौती देंगे। उन्होंने भाजपा पर पार्टी का नाम और चिह्न खरीदने के लिए व्यापारिक सौदे करने में शिवसेना का समर्थन करने का भी आरोप लगाया।
महाराष्ट्र की राजनीति जबरदस्त तरीके से गर्म है। पिछले साल शिवसेना के भीतर हुए विभाजन के बाद से सबसे बड़ा सवाल यही था कि असली शिवसेना किसके पास है? चुनाव आयोग ने इस बात का भी निर्णय कर दिया है। चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को शिवसेना और पार्टी का चुनाव चिन्ह सौंप दिया। इसके बाद से उद्धव ठाकरे और उनके करीबी जबरदस्त तरीके से भाजपा पर हमलावर है। इन सबके बीच संजय राउत ने साफ तौर पर दावा किया है कि शिवसेना को तोडऩे के लिए करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं। उन्होंने अमित शाह को महाराष्ट्र और मराठों का दुश्मन नंबर एक भी बताया है।
इसके साथ ही संजय राउत ने यह भी कहा है कि शिवसेना महाराष्ट्र का स्वाभिमान और अस्मिता है। उन्होंने कहा कि बाला साहेब ठाकरे ने महाराष्ट्र के स्वाभिमान के लिए शिवसेना बनाई थी। शिवसेना तोडक़रए खरीदकर आप लोग जिस प्रकार से विकट हास्य कर रहे हो उसका मतलब क्या होता है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि शिवसेना खत्म नहीं होगी। यह अंगारा हैए अग्नि हैए जो बुझेगी नहीं। इन सब के बीच उद्धव ठाकरे गुट ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना मानने और उसे चुनाव चिह्न ष्ष्धनुष एवं तीरष्ष् आवंटित करने के निर्वाचन आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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इससे पहले संजय राउत ने दावा किया था कि शिवसेना पार्टी के नाम एवं निशान ष्तीर.धनुषष् को ष्ष्खरीदनेष्ष् के लिए अब तक ष्ष्2000 करोड़ रुपये का सौदाष्ष् हुआ है। राउत ने एक ट्वीट में दावा किया कि 2000 करोड़ रुपये का शुरुआती आंकड़ा है और यह बात शत.प्रतिशत सच्ची है। उन्होंने संवाददाताओं से यह भी कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन के करीबी एक बिल्डर ने उन्हें यह बात बतायी है। राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि उनके दावे के पक्ष में सबूत हैं जिसे वह शीघ्र ही सामने लायेंगे।

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