बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों की विशेष गिरदावरी करवाकर तुरंत किसानों को मुआवजा दे सरकार: चौ. ओम प्रकाश चौटाला


प्रदेश का किसान, मजदूर, कर्मचारी और सरपंच समेत कई सामाजिक संगठन सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं...
प्रदेश में परिवर्तन का माहौल बनने लगा है और लोग अब इनेलो की ही सरकार चाहते हैं...




गुरुग्राम- पूर्व मुख्यमंत्री चौ. ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि हरियाणा की गठबंधन सरकार ने राजधर्म को भुलाते हुए ऐसी नीतियों को लागू कर दिया है, जिससे सीधा लाभ पूंजीपति घरानों को मिल रहा है। किसानों की फसल बेमौसमी बरसात की भेंट चढ़ चुकी है। प्रदेश में ओलावृष्टि से किसानों की सरसों, गेहूं, सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। सरकार को किसानों की सुध लेते हुए विशेष गिरदावरी करवाकर तुरंत किसानों को मुआवजा देना चाहिए।
इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि आज महंगाई चरम पर है। बेरोजगारी युवाओं के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन चुकी है। प्रदेश की गलियों एवं सडक़ों की हालत खस्ता है। लोग बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। आज हरियाणा 3 लाख करोड़ से ऊपर का कर्जदार हो चुका है। उन्होंने कहा कि यही बात समझ से परे है कि जब किया कुछ नहीं तो फिर पैसा कहां खर्च हो गया? सत्ता के नशे में चूर ये लोग भले ही इस सवाल का जवाब न दें, मगर प्रदेश की जनता वर्ष 2024 में इन्हें ऐसा करार जवाब देगी कि इस सरकार को तलाशने पर भी जमीन नहीं मिलेगी। इनेलो सुप्रीमो मंगलवार को हरियाणा परिवर्तन पदयात्रा के 24वें दिन गुरुग्राम जिले के गांव पातली में आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इससे पूर्व ग्रामीणों ने चौ. ओमप्रकाश चौटाला व उनके पौत्र कर्ण चौटाला का गर्मजोशी से स्वागत किया। इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि सही मायने में इनेलो ही प्रदेश के हितों की आवाज को उठा रही है।
इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि देश और प्रदेश में परिवर्तन का माहौल बनने लगा है और लोग अब इनेलो की ही सरकार चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में इनेलो की यह शुरू हुई परिवर्तन पदयात्रा सत्ता बदलाव में एक बड़ा इतिहास बनाएगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लोग केंद्र सरकार से तंग आ चुके हैं तो ठीक वैसे ही हरियाणा की जनता इस गठबंधन की सरकार से छुटकारा चाहती है, क्योंकि इन लोगों ने जुमले गढ़ते हुए सत्ता तो हासिल कर ली मगर लोगों के हक अधिकार को दबा दिए गए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश का किसान, मजदूर, कर्मचारी और सरपंच समेत कई सामाजिक संगठन सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि ई-टैंडरिंग के मामले में सरकार ने सरपंचों के अधिकारों को छीनने का प्रपंच रचा हुआ है जबकि गांव में ग्राम पंचायत विकास की धुरी होती है और यदि पंचायतों के अधिकारों को समाप्त कर दिया जाएगा तो फिर विकास कैसे संभव होगा?
उन्होंने कहा कि इनेलो की सरकार आने पर ग्राम पंचायतों की शक्तियों को बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से जहां स्कूलों, कॉलेजों को अपग्रेड किया जाएगा तो वहीं स्टाफ की भर्ती को सुचारू किया जाएगा ताकि शिक्षा का प्रसार हो सके। इसके अलावा बेरोजगारी को खत्म करने की दिशा में भी नई नीतियां लागू करते हुए हरियाणा के प्रत्येक घर से पढ़े-लिखे योग्य युवाओं को नौकरी दी जाएगी। बुजुर्गों के सम्मान में पैंशन वृद्धि करते हुए 7500 रुपए प्रति माह पैंशन दी जाएगी।

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