आज हरियाणा पर है साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज: चौ. ओम प्रकाश चौटाला

 ‘‘परिवर्तन पदयात्रा आपके द्वार’’ का शुक्रवार को 40वां दिन


''भाजपा सरकार जनता पर मनमाने टैक्स लगा रही है और मुट्ठी भर पूूंजीपतियों की तिजोरियां भरी जा रही है''



''इनेलो का न तो किसी से द्वेष है और न ही व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थ''



''जो सरकार रोजी, रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दे सकती है, उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है''

दादरी- ‘‘परिवर्तन पदयात्रा आपके द्वार’’ शुक्रवार को 40वें दिन में प्रवेश कर गई। इंडियन नेशनल लोकदल के सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री चौ. ओमप्रकाश चौटाला का कहना है कि जब देश और प्रदेश का किसान खुशहाल होता है तो देश व प्रदेश तरक्की करते हैं। जब किसान कंगाल होता है तो देश के विकास में भी गतिरोध होता है। आज हरियाणा पर साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। प्रत्येक किसान पर लाखों रुपए का कर्ज है। प्रदेश के 22 लाख से अधिक किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं।

इनेलो सुप्रीमो चौ. ओमप्रकाश चौटाला हरियाणा परिवर्तन पदयात्रा के 40वें दिन उमड़े जनसैलाब को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान लोग अपने हरमन प्यारे नेता को अपने बीच पाकर काफी प्रसन्न नजर आए। धाराप्रवाह बोलते हुए इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि एक समय था जब भारत देश विश्व के कई मुल्कों की आर्थिक मदद कर रहा था। आज देश कर्जदार हो गया है। भाजपा सरकार जनता पर मनमाने टैक्स लगा रही है और मुट्ठी भर पूूंजीपतियों की तिजोरियां भरी जा रही है। उन्होंने कहा कि इनेलो का न तो किसी से व्यक्तिगत और राजनीतिक द्वेष है और न ही व्यक्तिगत और राजनीतिक स्वार्थ है। चौ. देवीलाल ने आखिरी सांस तक किसान-कमेरे और वंचित वर्ग के लिए संघर्ष किया और उनका मानना था कि किसी भी लोकतांत्रिक प्रणाली में सरकार की जिम्मेदारी है कि जनता को रोजी, रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलें और जो सरकार यह आधारभूत सुविधाएं नहीं दे सकती है, उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। अगर नैतिक रूप से ऐसी सरकार सत्ता का त्याग नहीं करती है तो लोकतंत्र में फिर जनता संगठित होकर ऐसी सरकारों को कुर्सी से उतार देती है।

इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि मौजूदा सरकार मनमाने फैसले ले रही है। सरकार का रवैया तानाशाह है। पहले अन्नदाता पर तीन काले कानून थोपे और किसान 13 महीने तक गर्मी, सर्दी, बरसात के मौसम में दिल्ली के चारों तरफ आंदोलन करने को मजबूर हुए। उन्होंने कहा कि जब वे जेल से रिहा हुए तो सबसे पहले आंदोलन कर रहे किसानों के बीच गए। उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया के 150 से अधिक देशों में जाने का अवसर मिला है। वे हरियाणा को दूसरे देशों की तर्ज पर सकारात्मक और अच्छी नीतियों से तरक्कीपसंद बनाने के लिए अन्य देशों में जाते थे न कि सैर-सपाटे के लिए। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत ही इकलौता ऐसा देश है जहां पर सभी धर्मों, वर्गों एवं जातियों के लोग आपस में भाइचारे और स्नेह से रहते हैं। भाईचारा इस देश की सबसे बड़ी ताकत है। पर मौजूदा सरकार नफरत की राजनीति करती है और भाइचारे को तोड़ती है।


टीजीटी की परीक्षा तिथि को बदलने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा टीजीटी पदों के लिए प्रस्तावित परीक्षा दिनांक 22/23 अप्रैल 2023 को मुसलमानों के पवित्र त्यौहार ईद-उल-फितर होने की वजह से परीक्षा को स्थगित करने के लिए शुक्रवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जिसमें परीक्षा को 22/23 अप्रैल की बजाय किसी अन्य तिथियों में करवाए जाने की मांग की। गौरतलब है कि वीरवार को मुस्लिम समुदाय का एक प्रतिनिधिमण्डल बीते कल दिल्ली में इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला को मिला था और इस मुद्दे को हल करवाने की गुहार की थी। उनका कहना था कि ईद-उल-फितर त्यौहार के कारण कोई भी मुस्लिम युवा परीक्षा देने नहीं जा पाएगा जिस कारण से मुस्लिम युवाओं टीजीटी के पद पर चयनित होने का अवसर चूक जाएगा।

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