मथुरा को मुजफ्फरनगर न बनने देना
जन संदेश न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली: भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मथुरा वासियों से शहर को दंगों से बचाने की अपील की। टिकैत ने कहा कि मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है। यहां सब लोग प्रेम से रहते हैं। इसे फसाद से बचाकर रखना है। मथुरा को मुजफ्फरनगर नहीं बनने देना। मीडिया से बातचीत करते हुए किसान नेता ने एक बार फिर स्पष्ट किया, किसानों ने अपना आंदोलन स्थगित किया है, खत्म नहीं। जब जरूरत पड़ेगी, फिर आंदोलन करेंगे। इनके झांसे में न आएं वरना और लोग बेरोजगार हो जाएंगे क्योंकि रोजगार के अवसरों को झटका लगेगा और मथुरा में दंगे होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि किसान केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का इस्तीफा और गिरफ्तारी की मांग उठाते रहेंगे। टिकैत यहां समता फाउंडेशन की ओर से किसानों की मांगों को लेकर दिए जा रहे धरने को स्थगित कराने पहुंचे थे। उन्होंने अखिल भारतीय समता फाउंडेशन के अध्यक्ष लोकेश राही को जूस पिलाकर धरना स्थगित कराया। लोकेश राही पिछले 14 महीनों से धरना दे रहे थे।
पंजाब में किसान नेताओं के लिए भी चुनाव प्रचार करने जाएंगे
किसान नेताओं बलबीर सिंह राजेवाल एवं हरमीत सिंह कादियान के पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव लडऩे की घोषणा के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यह पंजाब के किसान नेताओं का निजी फैसला है जिससे संयुक्त किसान मोर्चा का कोई लेना-देना नहीं है। इसके साथ ही टिकैत ने यह भी साफ कर दिया कि वह पंजाब में चुनाव लडऩे वाले किसान नेताओं के लिए प्रचार करने नहीं जाएंगे।
पंजाब के 22 किसान संगठनों ने एक राजनीतिक मोर्चा बनाया और घोषणा की कि वे ‘राजनीतिक बदलाव’ के लिए आगामी राज्य विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। ये 22 किसान संगठन पंजाब के उन 32 किसान संगठनों में से हैं जिन्होंने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ एक साल से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था।
हालांकि, कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले एसकेएम ने स्पष्ट किया है कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ रहा है। किसान नेता हरमीत सिंह कादियान ने कहा था कि पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव लडऩे के लिए संयुक्त समाज मोर्चा का गठन किया गया है और भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के बलबीर सिंह राजेवाल संयुक्त समाज मोर्चा के नेता होंगे।
उल्लेखनीय है कि भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने जुलाई में मुजफ्फरनगर के सिसौली में कथित तौर पर कहा था कि सभी राजनीतिक दलों को देख लिया। जब इनकी सरकार आती है, तो ये किसानों की नहीं सुनते, इसलिए आगामी विधानसभा चुनावों में भाकियू अपने उम्मीदवार उतारेगी। किसान प्रत्याशियों को टिकट दिए जाएंगे।
समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल में एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान राकेश टिकैत को आगामी विधानसभा चुनाव सपा के साथ मिलकर लडऩे का निमंत्रण दिया था लेकिन भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इसे ठुकरा दिया था। गौरतलब है कि मेरठ में अखिलेश यादव और राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी के साथ राकेश टिकैत का पोस्टर लगाया गया था जिसे भाकियू के विरोध के कारण बाद में हटा दिया गया। राकेश टिकैत ने 2007 में भारतीय किसान दल से खतौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह अपनी जमानत भी नहीं बचा सके थे। उन्होंने 2014 में राष्ट्रीय लोक दल के टिकट पर अमरोहा संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था लेकिन यहां भी उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था। साभार
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