राष्ट्रीय स्तर पर 23-24 को हड़ताल करेंगे कर्मी
जन संदेश न्यूज नेटवर्क
चंडीगढ़: देशभर के 60 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी 23-24 फरवरी को
पुरानी पेंशन बहाली और ठेका कर्मचारियों को पक्का करने आदि मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। यह ऐलान आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंम्पलाईज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने चंडीगढ़ स्थित भकना भवन में आयोजित कर्मचारियों की कन्वेंशन में किया। यहां चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के मुलाजिमों के सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता फेडरेशन के प्रधान रघबीर चंद ने की और संचालन महासचिव गोपाल दत्त जोशी ने किया। कन्वेंशन में कर्मचारियों एवं उपभोक्ताओं के तीखे विरोध के बावजूद बिजली का निजीकरण करने की घोर निंदा की और बिजली संशोधन बिल-2021 व बिजली निजीकरण के फैसले को वापस करने की मांग की। कन्वेंशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा पंजाब सबोर्डिनेट सर्विस फेडरेशन के महासचिव सुखदेव सिंह सैनी व शारीरिक शिक्षक संधर्ष समिति हरियाणा के पदाधिकारी संतोष चपराना आदि मौजूद थे।
लांबा ने कहा कि आल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट इंम्पलाइज फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के फैसले के अनुसार जनवरी महीने से हड़ताल को सफल बनाने और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों को बताने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक कर्मचारी तक पहुंचने के लिए सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, नगर निगमों में कर्मचारियों की गेट मीटिंग की जाएगी।
और हैंड बिलों का वितरण किया जाएगा।
यह प्रस्ताव किए पारित
पुरानी पेंशन बहाली करने तक तक सभी सरकारी अंशदान 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया जाए।
एनपीएस के रिटायर हो रहे कर्मचारियों को मेडिकल भत्ता व मेडिकल बिलों की प्रतिपूर्ति की जाए।
शोषण एवं भ्रष्टाचार पर आधारित ठेका प्रथा को समाप्त कर अनुबंध कर्मचारियों की सेवाएं नियमित की जाएं।
समान काम समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
जनवरी.2020 से जून.2021 ;18 महीनेद्ध डीए के एरियर का भुगतान किया जाए।
खाली पड़े लाखों पदों को भर बेरोजगारों को रोजगार व जनता को बेहतर जन सुविधाएं प्रदान की जाए।
नेशनल एजुकेशन पालिसीए लेबर कोड्स व आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर दस लाख रुपए किया जाए।
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