ज्यादा बरसात से कई फसलों को नुकसान
जन संदेश न्यूज नेटवर्क
अम्बाला शहर: एक ओर लगातार हुई बरसात ने शहरी क्षेत्र में आम जनजीवन को प्रभावित करने का काम किया, वहीं किसानों के लिए भी आफत बन कर बरसी यह बरसात। अब गेहूं के लिए पीला रतुआ नामक बीमारी का खतरा बढ़ गया है। अम्बाला खंड एक में बरसात से सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावनाएं जताई गई हैं। तेज हवाओं के कारण मौसम में ठिठुरन भी बढ़ रही है जिससे आमजन भी प्रभावित रहा। गेहूं के खेतों में अगले 36 घंटे और सरसों व सब्जियों के खेतों से 24 घंटे में पानी की निकासी नहीं हुई तो नुकसान बहुत ज्यादा हो सकता है।
बारिश की वजह से आलू की हजारों एकड़ फसल भी तबाह
निरंतर हो रही बारिश ने जिले में आलू उत्पादक किसानों को बर्बाद कर दिया है। हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है जिसके चलते आलू की खेती अंबाला जिले में खत्म हो गई है। आलू उत्पादक किसानों का कहना है कि अब बारिश रुकने के बाद भी उनकी फसल बचने वाली नहीं है क्योंकि फसल पूरी तरह तैयार हो रही थी जिस पर पानी की बूंद लगना खतरे से खाली नहीं है।
सिरसा में यूरिया खाद की किल्लत
सिरसा: यूरिया खाद की कमी को लेकर क्षेत्र का किसान परेशान है। बारिश व बूंदाबांदी ने एकाएक यूरिया की डिमांड बढ़ा दी है। हालांकि पिछले दो दिनोंं से लगातार यूरिया खाद का वितरण हो रहा है, मगर जरूरत व आपूर्ति में बड़ा अंतर किसानोंं की मुश्किलें बढ़ा रहा है। कृषि विभाग के उपमंडल अभियंता सतबीर रंगा का कहना है कि बरसात के कारण यूरिया खाद की डिमांड बढ़ गई है। लगातार निजी वितरकोंं और गांवोंं की सोसायाटियोंं में यूरिया खाद की सप्लाई दी जा रही है। सोमवार को लगभग हर गांव मेंं 500 थैले यूरिया पहुंच चुके हैं। शीघ्र ही यूरिया खाद की किल्लत दूर हो जायेगी।
बारिश से आलू, गेहूं व सरसों की फसलें प्रभावित
घरौंडा: पिछले कई दिनों तक हुई बरसात की वजह से किसानों को फसलों में भारी नुकसान झेलना पड़ा है। आलू, सरसों, गेहूं के साथ-साथ अन्य फसलें भी प्रभावित हुई है। किसानों की माने तो जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जाएगा वैसे ही आलू गलना शुरू हो जाएगा। जिन फसलों में पानी खड़ा है वहां नुकसान ज्यादा है।
बरसात के कारण ठिठुरन भरी सर्दी ने जन जीवन को भी प्रभावित किया और बरसात ने फसलों पर खासा असर डाला। किसान बलकार सिंह, कर्ण सिंह व अन्य किसानों के अनुसार, गेहूं की 25 से 30 प्रतिशत फसल खराब हुई है। आलू की फसल की बात की जाए तो 40 से 50 प्रतिशत का नुकसान हुआ है। अब जैसे ही तापमान बढऩा शुरू होगा, आलू गलना शुरू हो जाएगा। आलू की तरह ही सरसों में भी नुकसान हुआ है। खंड कृषि अधिकारी डॉ. राहुल दहिया ने बताया कि बरसात की वजह से आलू, सरसों व गेहूं की फसलों को नुकसान हुआ है। दूसरा हवाओं की वजह से सरसों की फसल भी गिरी है जिसने भारी नुकसान किया है।
गेहूं में बढ़ी पीलेपन की बीमारी
जगाधरी: इस बार सालों बाद जनवरी माह में रिकार्ड बरसात हुई है। तेज बरसात के चलते हुए जलभराव से गेहंू की फसल में समस्या पैदा होने लगी है। फसल में बढऩे वाले पीलेपन को खत्म करने के लिए इफको व पैक्स केंद्रों में यूरिया खाद कई दिनों से नहीं है। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 88 हजार हेक्टेयर गेहूं की फसल का रकबा है। अभी तक बंपर फसल होने की उम्मीद थी लेकिन 10 दिनों के अंदर दो बार हुई तेज बरसात से फसल पर खतरा मंडरा गया है। कृषि विभाग के क्यूसीआई डा. बीएम कौशिक का कहना है कि कई पैक्स केंद्रों में यूरिया खाद है। डा. कौशिक का कहना है कि गेंहू के पीलेपन की समस्या को दूर करने के फसल में किसानों को नैनो यूरिया का छिडक़ाव करना चाहिए।
यमुनानगर में भारी वर्षा से फसलें तबाह और सब्जियां नष्ट
यमुनानगर: लगातार हुई भारी वर्षा के चलते यमुनानगर में जहां हजारों एकड़ में गेहूं व सरसों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है वही सब्जियां नष्ट हो चुकी हैं। हजारों एकड़ में अभी भी कई कई फुट पानी खड़ा हुआ है। यमुनानगर जिला के कई गांव ऐसे हैं जहां पानी निकासी का प्रबंध नहीं है। फसलों में लगातार पानी खड़ा रहने से और तेज हवाएं चलने से हजारों एकड़ सरसों व गेहूं की फसल बिछ गई। वहीं आलू, मूली, टमाटर, गोभी, बैंगन, गाजर सहित अन्य सब्जियां नष्ट हो चुकी हैं। किसान नेता मनदीप सिंहए सतपाल कौशिक ने अलग-अलग गांवों के दौरे किए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अति शीघ्र गिरदावरी के आदेश देने की अपील की। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जसविंदर सिंह सैनी का कहना है कि यमुनानगर जिला में इस वर्षा से लगभग 30 से 32000 एकड़ में फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इस वर्षा से सभी सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है, गेहूं, सरसों, चना एवं अन्य फसलें खराब हुई है। इसका आकलन करवाया जा रहा है। सरकार की तरफ से जैसे ही गिरदावरी के आदेश आएंगे, उसके बाद वह प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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