सरसों किस्म आर एच- 725 का तिलहन क्रान्ति में महत्वपुर्ण योगदान

सरसों किस्म आर एच- 725 का तिलहन क्रान्ति में महत्वपुर्ण योगदान



कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्रा. वि., संगरिया के तत्वाधान में 5 एन.के.आर. जण्डवाला सिखान में जसप्रीत सिंह के खेत पर सरसों की उन्नत किस्म आर.एच.-725 पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एंव विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार ने कृषि विज्ञान केन्द्र के द्वारा कृषक हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इन्होने प्रक्षेत्र दिवस की महत्ता के बारे में किसानों को अवगत कराया। इन्होने बताया कि सरसों की आर.एच.-725 किस्म उत्पादकता की दृष्टि से काफी अच्छी है। साथ ही क्षेत्र में झींगा उत्पादन व मछली पालन की सम्मभावनाओं से किसानों को परिचित कराया। नार्बाड, हनुमानगढ के जिला विकास प्रबन्धक श्रीमान, दयानन्द काकोडिया ने किसानो के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं में अनुदान व प्रक्रिया की जानकारी दी। डॉ. चन्द्रशेखर शर्मा ने सरसों की उन्नत किस्म आर.एच.-725 की विशेषताओं व शस्य तकनीकी के बारे में बताया। डॉ. उमेश कुमार ने रबी फसलों तथा आगामी खरीफ फसलो में कीट व रोग प्रबन्धन पर विशेष चर्चा की। डॉ. कुलदीप सिंह नें बताया की क्लस्टर अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन व तिलहन क्रान्ति में यह किस्म अपनी महत्वपुर्ण भूमिका अदा कर रही है। डॉ. नरेश यादव ने मिट्टी परीक्षण हेतु नमूना तकनीकी से किसानों को रुबरु करवाया। किसानों द्वारा इस किस्म व उन्नत तकनीकी के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया गया कि इस किस्म का फैलाव अधिक है तथा सफेद रोली व तना गलन का प्रकोप भी अन्य किस्मों की तुलना में बहुत कम है। इस प्रक्षेत्र दिवस में बाबा वेद प्रकाश किसान क्लब के समन्वयक अमनदीप सिंह तथा सदस्य जितेन्दर सिंह, जगजीत सिंह, बरजिन्दर सिंह, सुखदीप सिंह, गुरप्यार सिंह इत्यादि सहित कुल 36 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक एंव विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया

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