जैव अवयव उत्पादन प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केन्द्र में सम्पन्न

 जैव अवयव उत्पादन प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केन्द्र में सम्पन्न



कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्रामोत्थान विद्यापीठ, संगरिया में जैव उत्पादन विषय पर चार दिवसीय संस्थागत प्रशिक्षण दिनांक 8 से 11, फरवरी 2022 सम्पन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. अनूप कुमार ने बताया किसानों को जैविक खेती अपनाकर कृषि लागत में कमी करें और जैविक खेती करने की सलाह दी।  केन्द्र के पौध संरक्षण वैज्ञानिक डाॅ. उमेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को जैविक नियंत्रण के सिद्धान्त और अवधारणाओं से अवगत करवाते हुये प्रक्षेत्र पर माईकोराईजा उत्पादन, मेटाराईजियम उत्पादन की प्रायोगिक व सैद्धान्तिक जानकारी देते हुये कृषि परिस्थितिकी विश्लेषन के बारे में बताते हुये दुश्मन कीटों को किसान के मित्र कीट किस प्रकार परजीवी व परभक्षी कीट का काम करते हैं। केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्ध केन्द्र, श्रीगंगानगर के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी (पौध व्याधि) डाॅ. योन्द्र कुमार ने कृषकों को खेत पर ट्राईकोडर्मा का उत्पादन करने व इससे खेत में होने वाले लाभ के बारे में अवगत कराया। इसी प्रकार श्रीगंगानगर केन्द्र से डाॅ. लोकेश कुमार मीणा, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी (कीट विज्ञान) ने किसानों को मित्र कीट ट्राईकोग्रामा, ब्रेकोन तथा मकड़ी को खेत पर उत्पादित कर दुश्मन कीटों को नियंत्रण करने की प्रक्रिया से अवगत करवाया।
राजस्थान राज्य बीज व प्रमाणीकरण संस्थान, श्रीगंगानगर के बीज प्रमाणीकरण अधिकारी डाॅ. जयसिंह ने किसानों को अपने जैविक उत्पाद को संस्थान में राज किसान पोर्टल पर पंजीकृत करने की प्रक्रिया से अवगत करवाया। कृषि विज्ञान केन्द्र, संगरिया के वरिष्ठ अनुसंधान सहायक डाॅ. नरेश कुमार यादव ने किसानों को केचुआ खाद तैया करने व इसके प्रयोग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी तथा केन्द्र पर स्थापित केंचुआ इकाई का भ्रमण करवा कर इसके लगाने के बारे में सलाह दी।

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