टिकैत की देशवासियों को नसीहत, कहा- हिजाब नहीं बल्कि बैंकों के ‘हिसाब’ पर करें बात

जन संदेश न्यूज नेटवर्क

नई दिल्ली: कर्नाटक के स्कूल और कॉलेजों में हिजाब को लेकर छिड़े विवाद के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने टिप्पणी की है। उन्होंने हिजाब पर छिड़े विवाद को गैर-जरूरी करार दिया है। राकेश टिकैत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू पर पोस्ट करते हुए लिखा- हिजाब पर नहीं, देश में बैंकों के ‘हिसाब’ पर आंदोलन करो मेरे प्यारे देशवासियों। यही हालात रहे तो देश बिकते देर नहीं लगेगी और हम ऐसा होने नहीं देंगे। हिजाब विवाद को लेकर राकेश टिकैत की यह टिप्पणी अहम है क्योंकि वह अकसर ऐसे मुद्दों को हिंदू-मुस्लिम का मसला बताकर टालते रहे हैं।

राकेश टिकैत इससे पहले भी बैंकों के निजीकरण, धोखाधड़ी के मामलों को उठाते रहे हैं। यही नहीं बैंकों के लिए वह अगला आंदोलन करने की भी चेतावनी दे चुके हैं। खासतौर पर उत्तर प्रदेश में चुनाव के बीच हिजाब विवाद को लेकर राकेश टिकैत की यह टिप्पणी अहम है। इससे पहले राज्य में प्रथण चरण के मतदान के दौरान भी राकेश टिकैत ने हिंदू-मुसलमान की राजनीति का दौर समाप्त होने की बात कही थी। राकेश टिकैत ने लिखा था, पश्चिम यूपी में अब आपस में बांटने, झगडऩे, मुद्दाविहीन राजनीति करने के दिन लद गए। किसानों-कमेरों और ग्रामीण जनता ने नफरत को नकार मुद्दों पर वोट डाले, आगे भी डालेंगे। ये आंदोलन की देन है। लोकतंत्र की मजबूती और बेलगाम सरकारों पर अंकुश के लिए आंदोलन भी जरूरी है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे-तीसरे राउंड के लिए मतदान हो रहा है। दूसरे चरण में मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बिजनौर, सहारनपुर समेत कई जिलों की 55 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। मुस्लिम बहुल इन सीटों पर भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। इसके अलावा बसपा, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का भी प्रभाव मुरादाबाद, संभल और अमरोहा जैसे जिलों में देखने को मिल रहा है। सपा गठबंधन का मानना है कि जाट मुस्लिम मतदाताओं के ध्रुवीकरण के चलते उसे पहले और दूसरे चरण में फायदा होगा।

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