दबाव बना दुष्कर्म पीड़िता की शादी करवाने पर सब इंस्पेक्टर सहित 6 नामजद
हिसार: शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने की बजाय जिस 15 वर्षीय लड़की से दुष्कर्म हुआ उसके ही परिजनों पर दबाव बनाकर उसकी शादी करवाने के आरोप में हांसी महिला थाना पुलिस ने एक सब-इंस्पेक्टर सहित 6 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस बाबत पुलिस ने जांच शुरू कर दी है लेकिन अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस बारे में हांसी महिला थाना पुलिस ने पीडि़त लड़की की मां की शिकायत पर आरोपी युवक, उसके भाई, पिता, मां, भाभी व सब इंस्पेक्टर कर्मबीर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायत में उन्होंने बताया कि गत 22 अप्रैल, 2020 को आरोपी ने उसकी 15 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। उसने पुलिस को शिकायत की तो सब इंस्पेक्टर कर्मबीर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि सब इंस्पेक्टर कर्मबीर आरोपी के परिजनों का जानकार है इसलिए उसने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करने की बजाय उन पर दबाव बनाकर उसकी नाबालिग की आरोपी के साथ शादी करवा दी। करीब दो माह पहले कर्मबीर आरोपियों के साथ उनके घर आया और उसकी बेटी के साथ मारपीट करके तलाक के लिए दबाव बनाया। 7 जनवरी, 2022 को कर्मबीर ने कागज पर उसकी बेटी के हस्ताक्षर करवा लिए और कहा कि अब तेरा तलाक हो गया है।
महिला पुलिसकर्मी पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार
बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ के शहर थाना में तैनात महिला मुख्य सिपाही पूनम को छेड़छाड़ के एक मामले में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सतर्कता ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने सेक्टर-9 चौकी के मुंशी को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
जानकारी के मुताबिक, फरवरी में थाना शहर में छेड़छाड़ का एक मामला दर्ज हुआ था। कोर्ट में युवती ने युवक के पक्ष में बयान दे दिया था। इस मामले में दोनों के बीच राजीनामा हो गया था। आरोप है कि महिला पुलिस कर्मी पूनम केस खारिज नहीं कर रही थी। वह युवक के परिजनों से एक लाख रुपए केस बंद करने और 5 हजार रुपए पेन ड्राइव के मांगे थे। पूनम युवक के घर रुपए लेने गई थी। सतर्कता ब्यूरो ने 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते उसे काबू कर लिया था। आवश्यक कार्रवाई के बाद पूनम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
रिश्वत के 'माल' में तहसीलदार का भी हिस्सा, पूछताछ के बाद काबू
करनाल: करनाल के डीटीपी रिश्वत कांड में तहसीलदार राजबक्श को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तहसीलदार से चली पूछताछ के बाद विजीलेंस इंस्पेक्टर सचिन कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि डीटीपी विक्रम कुमार के पास से जो 78.64 लाख रुपये नकदी बरामद हुई है, उसमें से साढ़े 14 लाख तहसीलदार राजबक्श के हैं। उन्होंने बताया कि डीटीपी आफिस से फाइल क्लीयरेंस के दौरान तहसील से एनओसी की प्रक्रिया होती थी और दोनों विभागों का एक-दूसरे के बिना काम नहीं होता। इस काम में तहसील कार्यालय भी खूब चांदी लूट रहा है। विजिलेंस इंस्पेक्टर ने बताया कि तहसीलदार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। अब उनका पुलिस रिमांड लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीटीपी के पंचकूला निवास से भी कई दस्तावेज बरामद हुए हैं।
माना जा रहा है कि डीटीपी के भ्रष्टाचार के तार तहसील कार्यालय से भी जुड़े हैं।
डीटीपी को 11 मार्च को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उनके आवासीय परिसर से जांच के दौरान चल.अचल संपत्तियों के ब्योरे सहित 78ण्64 लाख रुपये नकदी भी मिली थी। खुलासा होने के बाद विजिलेंस ने डीटीपी को अदालत में पेश करके उनका पुलिस रिमांड ले लिया था। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसारए 37 वर्षीय डीटीपी विक्रम कुमार बीते करीब 3 साल से करनाल में इसी पद पर तैनात थे और लगातार विवादों में घिरे रहे। बताया जा रहा है कि विजिलेंस द्वारा डीटीपी और तहसीलदार को आमने.सामने बैठाकर कई दस्तावेजों पर स्पष्टीकरण मांगा गया।
-जन संदेश न्यूज नेटवर्क
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