वे लोग खतरनाक हैं, उनसे मत भिडऩा- मलिक

जन संदेश न्यूज नेटवर्क

जोधपुर: मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसान आंदोलन को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार की आलोचना की है। राजस्थान के जोधपुर में एक कार्यक्रम में राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि अगर किसानों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे हिंसा का रास्ता अपना सकते हैं।

मलिक के अनुसार, दिल्ली को मेरी सलाह है कि उनके साथ न भिड़े, वे खतरनाक लोग हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि किसानों का मुद्दा उठाने के कारण अपना पद खोने का उन्हें कोई डर नहीं है। किसान जो चाहते हैं, उसे हासिल कर लेंगे। अगर यह बातचीत के जरिये नहीं मिला तोए वे लड़कर ले लेंगे। अगर लड़कर नहीं मिला तो वे हिंसा के माध्यम से ले लेंगे।

केन्द्र के कृषि कानूनों के विरोध में करीब एक साल चले किसान आंदोलन के संदर्भ में उन्होंने कहा, उनका मुंह बंद नहीं किया जा सकता। उन्हें पता है कि अपनी मांगें कैसे मनवानी हैं। अगर ये मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपना आंदोलन फिर शुरू करेंगे। किसान आंदोलन के मुद्दे पर पहले भी केन्द्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर चुके मलिक ने कहा कि इसकी आशंका हमेशा रही है कि अगर वह किसानों के बारे में बात करते हैं तो 'दिल्ली से फोनÓ आ सकता है।

राज्यपाल ने कहा,मैं दिल्ली में डेढ़ कमरे के मकान में रहता हूं, इसलिए मैं किसानों के मुद्दे पर मोदी से पंगा ले सकता हूं। मेरी केन्द्र से कोई दुश्मनी नहीं है लेकिन मैं किसानों के लिए अपना पद छोड़ सकता हूं। मलिक ने अपनी पुरानी टिप्पणी दोहराते हुए कहा कि पहले भी किसानों के मुद्दे पर जब वह प्रधानमंत्री से मिले थे तो महज पांच मिनट में ही उनकी लड़ाई हो गई थी।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की बॉडीगार्डों द्वारा हत्या का हवाला देते हुए राज्यपाल मलिक ने कहा कि सिख और जाट कुछ नहीं भूलते। आपको उन्हें कुछ देकर भेजना चाहिए। उन्हें इंदिरा भी याद थीं। मलिक जोधपुर में मारवाड़ जाट महासभा के एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे। साभार मीडिया

कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© all rights reserved
made with by templateszoo