"भर्ती में शामिल होने वाले हर उम्मीदवार को लिखित में बताना होगा कि वो अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान हिंसा और तोडफ़ोड़ करने वालों में शामिल नहीं था"
जन संदेश न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली: तीनों सेनाओं में भर्ती के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध के बीच सेना की ओर से उम्मीदवारों को साफतौर पर चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है तो वह ‘अग्निवीर’ नहीं बन सकेंगे। सेना ने कहा कि भर्ती में शामिल होने वाले हर उम्मीदवार को लिखित में यह बताना होगा कि वो अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान हिंसा और तोडफ़ोड़ करने वालों में शामिल नहीं थे।
मीडिया को संबोधित करते हुए सैन्य मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी के अनुसार, उम्मीदवारों को एक लिखित प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोडफ़ोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुरी ने कहा कि भारतीय सेना की नींव में अनुशासन है। आगजनी या तोडफ़ोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। प्रत्येक व्यक्ति को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि वे विरोध या तोडफ़ोड़ का हिस्सा नहीं थे। पुलिस सत्यापन अनिवार्य है, इसके बिना कोई भी शामिल नहीं हो सकता है।
अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं: सेना
लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने आगे कहा अगर किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज की जाती है तो वे सेना में शामिल नहीं हो सकते। सशस्त्र बलों में अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से योजना के ऐलान के बाद बिहार में अग्निपथ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था।
क्या है अग्निपथ योजना
सरकार ने इस योजना की शुरुआत करते हुए कहा था कि साढ़े सत्रह साल से 21 साल तक की आयु के युवाओं को चार साल के कार्यकाल के लिए शामिल किया जाएगा जबकि उनमें से 25 प्रतिशत को बाद में नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। नई योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। इस योजना का एक प्रमुख उद्देश्य सैन्यकर्मियों की औसत आयु को कम करना और बढ़ते वेतन एवं पेंशन बिल में कटौती करना है।
नियम: 4 वर्ष से पहले नौकरी नहीं छोड़ सकेंगे अग्निवीर
तीनों सेनाओं में जवानों की भर्ती के लिए शुरू हुई अग्निपथ योजना का देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध जारी है। युवाओं के इस विरोध को देखते हुए रक्षा मंत्रालय और फिर गृह मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए कई सुविधाओं का ऐलान कर युवाओं का आक्रोश ठंडा करने की कोशिश की है। इसके बावजूद भी बिहार, उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्य में युवा विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसी भारतीय वायुसेना अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की होने वाली भर्ती को लेकर नियम जारी किए हैं। आईएएफ की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी आयु 17.5 से 21 वर्ष होगी वह अग्नवीर भर्ती के लिए योग्यता होगा। हालांकि सरकार ने इस साल भर्ती में भाग लेने वाले युवाओं को आयुसीमा में दो साल तक की छूट देने का भी ऐलान किया है।
वायुसेना अपनी जरूरत के हिसाब से अग्निवीरों की नियुक्ति कहीं भी कर सकती है। अग्निवीरों को परमानेंट सैनिकों की तरह सम्मान और अवार्ड भी मिलेगा। इसके साथ ही अग्निवीरों को दी जाने वाली हर ट्रेनिंग का ऑनलाइन पारदर्शी रिकॉर्ड रखा जाएगा। अग्निवीरों की भर्ती के बाद सेना उन्हें अपनी जरूरत के हिसाब से छुट्टियां लेने की अनुमति भी देगी। लेकिन अग्निवीर सैनिक को साल में अधिकतम 30 छुट्टियां मिलेंगी। वहीं मेडिकल लीव डॉक्टर की सलाह पर दी जाएगी।
नोटिफिकेशन के अनुसार यदि कोई अग्निवीर 4 वर्ष की सेवा पूरी होने से पहले ही नौकरी छोडऩे का आवेदन करेगा तो स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि अपवाद के तौर पर सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही अग्निवीर बीच में नौकरी छोड़ सकेंगे।
25 फीसदी अग्निवीरों को मिलेगी परमानेंट नियुक्ति
वायुसेना के स्पष्ट किया है कि भर्ती किए जाने वाले अग्निवीरों में 25 फीसदी इच्छुक अभ्यर्थियों को नियमित नौकरी पर रखा जाएगा। इसके लिए वायुसेना में कैडर भर्ती के लिए अभ्यर्थियों से 4 वर्ष की सेवा पूरी होने पर आवेदन मांगे जाएंगे। अग्निवीरों की रैंक सेना में मौजूद सभी रैंकों से अलग होगी। अग्निवीर की नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थी को अग्निपथ योजना की सभी शर्तों व नियमों को लिखित में स्वीकार करना होगा। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के अभिभावकों/माता-पिता से भी अग्निवीर भर्ती फॉर्म में दस्तखत कराए जाएंगे।
अग्निवीर का वेतन
वायुसेना के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों को 30 हजार रुपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। इस वेतन में वार्षिक इंक्रीमेंट भी हर साल बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा अग्निवीरों को रिस्क और हार्डशिप अलाउंस, ड्रेस अलाउंस व टीए भी मिलेगा। साथ ही 4 साल की सेवा पूरी करने पर सेवा निधि फंड भी मिलेगा जो आयकर मुक्त होगा।
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