जन संदेश न्यूज नेटवर्क,
चंडीगढ़: इनेलो के प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा भारतीय सेना के तीनों अंगों में युवाओं की भर्ती के लिए अग्रिपथ योजना लाए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह सदियों से चली आ रही सेना की मजबूत और सुदृढ़ कार्यप्रणाली को खत्म करने वाली योजना है। इस योजना के तहत युवाओं को ठेके पर नियुक्त किया जाएगा और फिर चार साल बाद उन्हें हटा दिया जाएगा जो देश के युवाओं के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। भारतीय सेना में जाट रेजिमेंट, सिख रेजिमेंट, सिख लाइट इन्फैंट्री, गोरखा राइफल्स, राजपूत रेजिमेंट जैसी सिंगल क्लास रेजिमेंट में सैनिकों की भर्ती होती है जो देश के सभी मार्शल कौम का प्रतिनिधित्व करती है, लेकिन अब ‘आल इंडिया आल क्लास मैथड’ के तहत भर्ती होने से उनका अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।
रक्षा विशेषज्ञों ने यह भी अवगत कराया है कि फौजी नाम, नमक और निशान के साथ उनकी यूनिट के युद्ध के नारे पर केंद्रित होकर जीते हैं। कठिन परिश्रम और बलिदान के बाद भारतीय सेना की वर्ग इकाइयां अपने वर्तमान मानकों पर पहुंच पाई हैं। गोरखा रेजिमेंट जिसमें नेपाल के गोरखा, जो एक लड़ाकू कौम है, भारतीय सेना में भर्ती होते हैं जिससे उनकी आजीविका चलती है। गोरखा रेजिमेंट का अंग्रेजों के समय में विश्व-युद्ध से लेकर आज तक गौरवशाली इतिहास रहा है। गोरखा रेजिमेंट के कारण चीन आज तक भारत से सीधा युद्ध करने से डरता रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार के इस आत्मघाती कदम के कारण अब नेपाली गोरखा चीन की तरफ देखने लगेंगे जो कि भारत के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है क्योंकि अग्रिपथ योजना के तहत न तो उन्हें पेंशन मिलेगी और न ही अन्य सुविधाएं जो आज मिल रही हैं, वो मिलेंगी। इसलिए केंद्र सरकार को अपने इस सैनिक विरोधी फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और अग्रिपथ जैसी घातक योजना लागू करने के बजाय सेना की नियमित भर्ती करनी चाहिए।आत्मघाती साबित हो रही है ‘अग्रिपथ योजना’
इनेलो नेता ने केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अग्रिपथ योजना लागू करने पर कहा कि जिस बात की आशंका थी वो अब देश के युवाओं द्वारा आत्महत्या और धरना-प्रदर्शन के रूप में धरातल पर दिखाई देने लगी है। यह बेहद दुखदाई है कि जींद जिला के गांव लिजवाना के सचिन नामक युवक ने अग्रिपथ योजना लागू होने से आहत होकर आत्महत्या कर ली। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा अग्रिपथ योजना आत्मघाती साबित हो रही है। पलवल, रेवाड़ी और हिसार जिला में अग्रिपथ योजना के खिलाफ गुस्साए युवाओं ने धरने और प्रदर्शन किए। अग्रिपथ योजना के खिलाफ धरना-प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर भाजपा सरकार द्वारा लाठीचार्ज किया जाना बेहद कायरतापूर्ण कदम है। भाजपा सरकार की युवाओं के प्रति नकारात्मक सोच का परिणाम यह है कि अग्रिपथ योजना के खिलाफ युवाओं द्वारा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा समेत पूरे देश में धरने-प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
देश का वित्तीय भार खत्म करना है तो बजाय अग्रिपथ जैसी योजना लागू करने के भाजपा सरकार को सभी लोकसभा एवं राज्यसभा सांसदों और विधायकों की पेंशन समेत मंत्रियों के भारी भरकम भत्ते और सुविधाएं जिन पर अरबों रूपए खर्च किए जाते हैं वो सब खत्म कर देने चाहिए। सेना के रिटायर्ड अफसरों ने भी अग्रिपथ योजना को सदियों से चली आ रही सेना की मजबूत और सुदृढ़ कार्यप्रणाली को खत्म करने वाली योजना और देश की सुरक्षा को खतरा बताया है।
पिछले तीन सालों से सेना में नियमित भर्ती बंद होने और अग्रिपथ योजना लागू होने के कारण आज प्रदेश के लाखों युवा ऐसे मोड़ पर आकर खड़े हो गए हैं जहां उनके लिए आगे कुआं और पीछे खाई है। पहले केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून थोप कर और अब अग्रिपथ जैसी खतरनाक योजना लागू कर भाजपा सरकार लगातार जनभावनाओं के विरूद्ध फैसले ले रही है जिस कारण आज पूरे देश में अराजकता का माहौल बन गया है। अगर जल्द ही भाजपा सरकार ने अग्रिपथ योजना को खत्म नहीं किया तो पूरे देश में युवाओं का आंदोलन विकराल रूप धारण कर लेगा। केंद्र सरकार से अपील करते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि अग्रिपथ जैसी घातक योजना को तुरंत वापिस लिया जाए और सेना में नियमित भर्ती शुरू की जाए।
सेना का अनुशासनिक ढांचा तहस नहस करने वाली योजना
इनेलो नेता ने कहा कि यह योजना लागू करने के दुष्परिणामों के बारे में उन्होंने सबसे पहले आगाह कर दिया था कि यह योजना सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए घातक सिद्ध होगी। चूंकि नान गजटेड आफिसर और जेसिओ की सीधी भर्ती नहीं होती है, सेना में जब सिपाही भर्ती होता है तो वह पद्दोनति पाकर सूबेदार मेजर तक पहुंचता है। सिपाही भर्ती होकर लांस नायक, फिर नायक, फिर हवलदार, फिर नायब सूबेदार, फिर सूबेदार और अंत में सूबेदार मेजर तक पद्दोनति पाता है।
सेना में अनुशासन बनाने के लिए सिपाही एक कड़ी का काम करता है। इसी कड़ी में कमांडिग आफिसर सूबेदार मेजर को आदेश देता है और सूबेदार मेजर पूरी बटालियन को लड़ाई लडऩे के लिए तैयार करता है। अग्रिपथ योजना के तहत सिपाही सिर्फ चार साल के लिए ही नौकरी कर पाएगा तो फिर अग्रिपथ योजना से सेना के नॉन कमिशंड वर्ग में पद्दोनति प्रणाली ही खत्म हो जाएगी और सेना का पूरा प्रशासनिक और अनुशासनिक ढांचा तहस नहस हो जाएगा।
अग्रिपथ योजना के तहत भर्र्ती हाने वाले सिपाहियों को भूतपूर्व सैनिक का दर्जा भी नहीं मिलेगा जिस कारण उन्हें नौकरी का कोटा मैडिकल, कैंटीन के साथ साथ और भी जो सुविधाएं भूतपूर्व सैनिकों को मिलती हैं वो नहीं मिलेंगी क्योंकि भूतपूर्व सैनिक दर्जा पाने के लिए पांच साल की नौकरी होना अनिवार्य है।
कोई भी कानून सोच समझ कर बनाया जाता है लेकिन भाजपा सरकार कानून बनाने के बाद सोचती है जिसके परिणाम बेहद खतरनाक होते हैं। पहले जीएसटी और नोटबंदी को बिना सोचे समझे लागू कर देश को आथर््िाक रूप से बेहद नाजुक स्थिति में पहुंचा दिया। जैसे बिना सोचे समझे बनाए गए कृषि कानूनों को किसानों के विरोध के बाद वापिस लेना पड़ा था वैसे ही इस युवा विरोधी अग्रिपथ योजना को भी हर हाल में वापिस लेना पड़ेगा।
अग्निपथ योजना पूरे देश के लिए है घातक: अभय चौटाला
इनेलो नेता ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं पर अग्निपथ योजना थोपने के बजाय उनकी सेना में स्थायी भर्ती करे तभी इस समस्या का समाधान हो सकता है। अग्निपथ योजना भारतीय सेना ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए घातक है। देश के युवाओं में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है और अग्निपथ योजना के खिलाफ अपना रोष जताने के लिए प्रदर्शन करने पर मजबूर हैं। भाजपा सरकार बजाय समस्या का समाधान निकालने के शांतिपूर्वक प्रर्दशन कर रहे युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनके भविष्य को खत्म कर रही है। इनेलो पार्टी अग्रिपथ योजना को वापिस लेने के लिए महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी जिसके लिए राज्यपाल को पत्र लिखकर समय मांगा गया है।
भाजपा के केंद्रीय मंत्री द्वारा देश के युवाओं के लिए इस्तेमाल की गई भाषा बेहद निंदनीय हैं जिसमें वो कह रहे हैं कि ‘‘योजना अच्छी नहीं लगी तो मत आओ, क्या हमने बोला है कि आपको फौज में लेंगे?’’। भाजपा के केंद्रीय मंत्री शायद भूल गए हैं कि इन्हीं युवाओं के वोट हासिल कर वो सांसद और मंत्री बने हैं। ऐसा लगता है कि भाजपा के नेताओं का घमंड सिर चढ़ कर बोल रहा है, आने वाले समय में यही युवा वोट की चोट देकर भाजपा को सबक सिखाएंगे।
देश की आम जनता आज महंगाई और बेरोजगारी रूपी चक्की के दो पाटों के बीच में पिस रही है लेकिन देश और प्रदेश की सरकार उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने में नाकाम सिद्ध हुई है। उल्टा केंद्र की भाजपा सरकार जो भी कानून लेकर आई है वो सभी पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए ला रही है। कृषि कानूनों को भी किसानों पर थोपा गया था जिसका किसानों ने जबरदस्त विरोध किया उसके बाद कृषि कानूनों को वापिस लेना पड़ा था। अग्निपथ योजना को भी भाजपा सरकार को वापिस लेना पड़ेगा।
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