26वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक सम्पन्न
कृषि विज्ञान केन्द्र, हनुमानगढ़ प्रथम, ग्रामोत्थान विद्यापीठ, संगरिया द्वारा 26 वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन ग्रामोत्थान विद्यापीठ के सचिव सुखराज सिंह सलवारा की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक किया गया। इस बैठक के मुख्य अतिथि डॉ. एस.के. सिंह, निदेशक अटारी, जोधपुर रहे। बैठक का आरम्भ स्वामी केशवानन्द जी को पुष्प अर्पित कर किया गया।
केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार ने बैठक में पधारे सभी अतिथियों का स्वागत करते हुये बैठक का एजेण्डा प्रस्तुत किया तथा गत वर्ष किये गये कार्यो के बारे में सदन को अवगत कराया तथा आगामी वर्ष 2022-23 के लिये कार्ययोजना के बारे में विस्तृत चर्चा की गई।
सुखराज सिंह सलवारा ने सुझाव दिया कि कृषि के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी की खोज कर क्षेत्र के किसानों को अवगत करावें। जिससे जिले के किसानों को समृद्ध बनाया जा सके।
डॉ. एस.के. सिंह ने कहा कि प्रक्षेत्र परीक्षण व प्रदर्शनों का आयोजन करते समय क्षेत्र की सूक्ष्म परिस्थितिकी को ध्यान में रखा जावे। जिससे विकसीत तकनीकी के लिये उपयुक्त वातावरण उपलब्ध हो सके। महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये कृषि कार्यों में भाग लेने वाली महिला को अपने कृषि प्रसार कार्यो में सहभागिता बढावें। मृदा जैविक कार्बन सोसायटी के निदेषक जयनरायण बैनीवाल ने बताया कि जिन बागों की जमीनों मे जैविक पदार्थ की बाहुल्यता होती है, वहां सफेद लट से कम नुकसान होता है।
उप निदेशक शस्य मिलिन्द सिह ने बताया कि खडी फसल में नैनो उर्वरको का प्रयोग सामान्य उर्वरकांे की अपेक्षा अधिक लाभकारी र्है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबन्धक दयानन्द काकोडिया ने बताया कि कृषि लागत को कम करने के लिये किसान उत्पादक संगठनो से किसानो को जोडकर कस्टम हायरिंग सेन्टर से उन्हे लाभान्वित करे तथा विभिन्न प्रषिक्षणों के माध्यम से तकनीकी ज्ञान उपलब्ध करावें।
इफको प्रबन्धक मनीराम जाखड ने बताया कि किसान बीज व उर्वरकों का प्रयोग आवष्यकता से अधिक मात्रा में कर रहे हैं। जिससे फसलों की उत्पादन लागत बढ़ रही है। अतः इसके लिये प्रशिक्षणों के माध्यम से किसानों को जागरुक करने की महती आवश्यकता है।
पूर्व उप निदेशक केवीके, भटिण्डा डॉ. जितेन्द्र बराड़ ने केन्द्र पर तैयार पौध व अन्य उत्पादों की बिक्री हेतु काउन्टर की स्थापना करने का सुूझाव दिया। पीएनबी के वरिष्ठ प्रबन्धक सुनील कुकना ने बताया कि बैंक द्वारा मछली पालन व पशुओं पर भी किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध है। इच्छुक किसान बैंक से सम्पर्क कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
केन्द्र के विषय विशेषज्ञ डॉ. चन्द्रशेखर शर्मा, डॉ. उमेश कुमार, डॉ महावीर कस्वां, डॉ. संतोष झाझड़िया, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार ने अपने विषयों से सम्बंधित गत वर्ष की प्रगति रिपोर्ट एवं आगामी वर्ष की कार्ययोजना विस्तार पूर्वक सदन के सामने रखी। बैठक में केन्द्र के रविन्द्र कुलड़िया, आनन्द प्रकाश, संदीप कुमार, नीरज कुमार, आशीष कुमार, विजय सिंह भी उपस्थित रहे।
बैठक में पधारे प्रगतिशील किसान नीलकमल कड़वासरा, सन्दीप चाहर, रणजीत चाहर, हनुमानराम, सुरेन्द्र कौर ने भी अपने अनुभव व सुझाव प्रस्तुत किये।अन्त में डॉ. अनूप कुमार ने आश्वासन दिया कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों पर अमल किया जायेगा तथा बैठक में उपस्थित सभी आगन्तुकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।



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