मेडिकल छात्रोंं को हिरासत में लेने व एफआईआर दर्ज करने जैसी ज्यादतियां बेहद शर्मनाक और निंदनीय: अभय
बाँड पालिसी के अंदर जो शर्तें रखी गई हैं वो किसी भी रूप में छात्रों के हक में नहीं हैं
कहा- अगर बेरोजगारी की लाइव तस्वीर देखनी है तो हरियाणा के सभी जिलों के बस अड्डों पर देखी जा सकती है जहां लाखों की तादाद में बेरोजगार युवा नौकरी के लिए अनिवार्य सीईटी का पेपर देने के लिए खड़े हैं
चंडीगढ़, 5 नवम्बर: इनेलो के प्रधान महासचिव एवं ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा भाजपा सरकार द्वारा एमबीबीएस में दाखिला लेने के लिए लागू की गई बाँड पॉलिसी के तहत छात्रों से 40 लाख के बाँड लेने के खिलाफ पीजीआई रोहतक में प्रदर्शन कर रहे मेडिकल के छात्र और छात्राओं को आधी रात में घसीट कर जबरदस्ती हिरासत में लिया जाना और सभी छात्रोंं पर एफआईआर दर्ज करने जैसी ज्यादतियां करने को बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताया और प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि भाजपा सरकार अपनी हठधर्मिता को छोड़े और मेडिकल छात्रों की जो मांगें हैं उनको माने। 40 लाख रूपए की बाँड पालिसी वाली शर्त को तुरंत प्रभाव से खत्म किया जाए ताकि गरीब घर के योग्य बच्चे भी डाक्टर बन सकें।
इनेलो नेता ने कहा कि बाँड पालिसी के अंदर जो शर्तें रखी गई हैं वो किसी भी रूप में छात्रों के हक में नहीं हैं। बाँड पालिसी के अनुसार एमबीबीएस पूरी करने के बाद छात्रों को राज्य सरकार कोई जॉब सिक्योरिटी नहीं दे रही, दूसरा पीजी कोर्स करने के लिए अभी तक भाजपा सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार के दिशा निर्देश नहीं दिए गए हैं, तीसरा 7 साल के लिए बाँड भरवाना किसी भी रूप में न्यायसंगत नहीं है इससे एमबीबीएस कर रहे छात्रों के उच्चतम शिक्षा पर असर पड़ेगा साथ ही उनकी उन्नति और माईग्रेशन का भी नुकसान होगा। बाँड में कांट्रैक्चुअल एम्पलोइमेंट वाली शर्त भी आपत्तिजनक है। भाजपा सरकार एमबीबीएस करने वाले छात्रों से बाँड की आड़ में जबरदस्ती लाखों में फीस की वसूली कर रही है। इनेलो पार्टी भाजपा सरकार द्वारा एमबीबीएस कर रहे छात्रों पर किए जाने वाले अत्याचारों की भत्र्सना करती है और छात्रों की मांगों का पूर्ण रूप से समर्थन करती है।
अभय सिंह चौटाला ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि अगर बेरोजगारी की लाइव तस्वीर देखनी है तो हरियाणा के सभी जिलों के बस अड्डों पर देखी जा सकती है जहां लाखों की तादाद में बेरोजगार युवा नौकरी के लिए अनिवार्य सीईटी का पेपर देने के लिए खड़े हैं लेकिन सरकार की तरफ से उनके लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए जो कि बेहद शर्मनाक है। भाजपा सरकार ने एग्जाम सेंटर गृह जिले में बनाने का वायदा किया था लेकिन 200 किलोमीटर दूर सेंटर बनाकर प्रदेश के युवाओं के साथ वायदाखिलाफी की है।

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