कपूर खानदान में एक से बढक़र सफल अभिनेता हुए

गतांक से आगे::: सत्यम शिवम सुन्दरम, राम तेरी गंगा मैली और प्रेम रोग ऐसी फिल्में हैं जिनके कारण उन्हें अथाह प्रशंसा मिली वहीं उनकी बहुत आलोचना भी हुई। 

स्क्रिप्ट हो, फिल्मांकन हो, संगीत हो या प्रोसेसिंग, राज कपूर हरे क्षेत्र की ख़ुद निगरानी करते थे। मेहनत के मामले में उनके मापदंड अपने पिता से भी अधिक कठोर थे। उन्होंने अपने बच्चों के लिए आरके स्टूडियो में एक नियम बनाया था कि पहले किसी और स्टूडियो में काम सीखें, फिर आरके स्टूडियो में क़दम रखें।

राज कपूर की शादी अपनी कजऩ कृष्णा कपूर से हुई जिनसे उनके पांच बच्चे पैदा हुए। इनमें तीन बेटे रणधीर कपूर, ऋषि कपूर और राजीव कपूर जबकि दो बेटियां रीमा कपूर और रीतू कपूर शामिल हैं। रीमा कपूर शादी के बाद रीमा जैन और रीतू कपूर शादी के बाद रीतू नंदा बन गयीं। बाद में रीतू नंदा अमिताभ बच्चन की समधन बनीं। राज कपूर और कृष्णा कपूर की शादी से बॉलीवुड में कुछ नये अदाकारों का इजाफा हुआ जिनमें राजेन्द्र नाथ, प्रेम नाथ और नरेन्द्र नाथ शामिल हैं जोकि कृष्णा कूपर के भाई थे।

अछूते अंदाज़ के साथ-साथ शम्मी कपूर ने गानों के फिल्मांकन का एक नया ट्रेंड परिचित करवाया।  उन्होंने धुनों के साथ अपने लचकदार बदन को ऐसा मिलाया कि हर कोई उनका दीवाना हो गया और उन्हें भारत का एल्विस प्रेसले कहा गया। शम्मी कपूर ने आखिरी बार 2011 में रिलीज़ हाने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘रॉक स्टार’ में अपने जलवे बिखेरे थे।

गीता बाली और शम्मी कपूर के दो बच्चे थे जिनमें बेटी कंचन और बेटा आदित्य राज कपूर शामिल हैं।  आदित्य राज कपूर कुछ फिल्मों में अभिनय के बाद बतौर फिल्म निर्माता काम कर रहे हैं।

पृथ्वीराज कपूर के तीसरे बेटे बलबीर राज कपूर थे जिनका फिल्मी नाम शशि कपूर था जबकि परिवार में उन्हें ‘हैंडसम कपूर’ कहा जाता था। रोचक बात यह है कि शशि कपूर को बतौर हीरो आरके फिल्म ने नहीं बल्कि यश चोपड़ा ने लॉन्च किया था। शम्मी कपूर की तरह शुरुआती फिल्मों में शशि कपूर को भी बहुत आलोचना का सामना करना पड़ा।

फिल्म ‘जब जब फूल खिले’ शशि कपूर की पहली सफल फिल्म थी जिसके बाद हिट फिल्मों की एक लाइन लग गयी और फिर वह समय आया जब शशि कपूर की हॉलीवुड से काम का बुलावा मिलने लगा। याद रहे कि शशि कपूर हॉलीवुड में काम करने वाले पहले अभिनेता थे। उन्होंने ब्रितानी अदाकारा जेनिफर केंडल से शादी की जिनसे उनके दो बेटे कुणाल कपूर और करण कपूर जबकि एक बेटी संजना कपूर हैं। ये तीनों बहन भाई फिल्मों में अदाकारी के जौहर दिखा चुके हैं। शशि कपूर के नाम पर सत्यम शिवम सुंदरमश्, दीवार और कभी-कभी जैसी कई अमर फिल्में हैं।  

राज कपूर के बेटों की सफलता और विफलता

पृथ्वीराज कपूर का लगाया हुआ पौधा एक विशाल वृक्ष बन चुका था और अब उसकी शाखाएं फैल रही थीं। कपूर परिवार की चौथी पीढ़ी की शुरुआत राज कपूर की संतान से हुई। राज कपूर के तीन बेटों में से रणधीर कपूर और ऋषि कपूर अदाकारी में कामयाब रहे जबकि तीसरे बेटे राजीव कपूर सफल अभिनेता के बजाय अच्छे फिल्म निर्माता साबित हुए।

रणधीर कपूर ने बतौर बाल कलाकार अपने पिता की सुपर हिट फिल्म श्री 420 में काम किया। जीत, कल आज और कल, हीरा लाल और हाथ की सफाई जैसी कई सुपरहिट फिल्में रंधीर कपूर के नाम हैं। उन्होंने अपने समय की खूबसूरत हीरोइन बबीता कपूर से शादी की जिनसे उनकी दो बेटियां हैं. करिश्मा कपूर और करीना कपूर। इनकी गिनती भी बेहतरीन अदाकाराओं में होती है।

राज कपूर के दूसरे बेटे ऋषि कपूर एक बेहतरीन और कामयाब अदाकार साबित हुए। फिल्म विशेषज्ञों के अनुसार राज कपूर के बाद कपूर परिवार में अदाकारी का सबसे अधिक जुनून अगर किसी में पाया जाता था तो वह ऋषि कपूर थे। मेरा नाम जोकर की कास्टिंग के समय जब राज कपूर ने अपनी पत्नी से ऋषि कपूर को कास्ट करने की इच्छा जतायी तो दूसरे कमरे में बैठे ऋषि कपूर यह बातचीत सुन रहे थे। वे तुरंत उठे और कागज कलम पकड़ कर उन्होंने ऑटोग्राफ देने की प्रैक्टिस शुरू कर दी। उनके आत्मविश्वास का स्तर ऐसा था। उन्होंने अपने पिता के ड्रीम प्रोजेक्ट मेरा नाम जोकर से बतौर बाल कलाकार करियर शुरू किया और बतौर हीरो उनकी पहली फिल्म बॉबी थी। यह फिल्म एक ब्लॉकबस्टर थी जिसकी वजह से ऋषि कपूर को बेहतरी अदाकार का एवॉर्ड भी मिला।

ऋषि कपूर की शादी अभिनेत्री नीतू सिंह से हुई और उनके यहां दो बच्चे रणबीर कपूर और ऋद्धिमा कपूर पैदा हुए। इनके नाम पर खेल-खेल में, अमर अकबर एंथोनी, हम किसी से कम नहीं, दीवाना और बोल राधा बोल जैसी कई अमर फिल्में हैं। ऋषि कपूर ने अपने करियर के आखिरी दौर में अग्निपथ 2, 102 नॉट आउट और मुल्क जैसी फिल्मों में बेहतरीन अभिनय करके अलोचकों की प्रशंसा बटोरी।  

राज कपूर के तीसरे बेटे राजीव कपूर का बतौर एक्टर फिल्मी करियर कुछ खास नहीं रहा जिसके कारण वे जल्द ही अदाकारी से किनारा करके फिल्म निर्माता बन गये। उन्होंने दर्जन भर फिल्मों में काम किया जिनमें सिर्फ राम तेरी गंगा मैली उनकी उल्लेखनीय फिल्म है। फिल्म हिना जिसे बनाने के दौरान राज कपूर चल बसे थे, इस फिल्म को बाद में राजीव कपूर ने ही पूरा किया था। राज कपूर की बेटी रीमा जैन के दोनों बेटे अरमान जैन और आदर जैन भी अदाकारी के पेशे से जुड़े रहे।

कपूर परिवार की पांचवीं पीढ़ी करिश्मा, करीना और रणबीर कपूर हैं। इस पीढ़ी की शुरुआत रंधीर कपूर की बड़ी बेटी करिश्मा कपूर से हुई। फिल्म उद्योग में करिश्मा कपूर की एंट्री ने तहलका मचा दिया था। बबीता और नीतू सिंह समेत जिन अदाकाराओं ने कपूर परिवार में शादी की, वे बतौर हीरोइन दोबारा फिल्मी पर्दे पर नजऱ नहीं आयीं, इसलिए यह आम राय बन गयी कि शायद कपूर परिवार अपनी महिलाओं को फिल्मों में काम करने की अनुमति नहीं देता।  

यह राय उस समय ग़लत साबित हुई जब करिश्मा कपूर को लॉन्च किया गया। वह एक प्रतिभावान अभिनेत्री तो थीं ही मगर उन्होंने डांस में भी माधुरी जैसी अभिनेत्रियों को अच्छी चुनौती दी। उन्होंने 60 से अधिक फिल्मों में काम किया है जिनमें से अधिकतर फिल्में सफल हुईं। अब वे अलग-अलग रियलिटी शोज में जज का काम अंजाम देते नजऱ आती हैं। करिश्मा के बाद उनकी छोटी बहन करीना कपूर ने रिफ्यूजी फिल्म से अपनी चमक बिखेरी।

साल 2000 से लेकर आज तक उनकी गिनती प्रथम पंक्ति की अभिनेत्रियों में होती है। वो बॉलीवुड की उन कुछ हीरोइनों में शामिल हैं जिनकी शादी के बाद भी बॉक्स ऑफिस पोजि़शन प्रभावित नहीं हुई।

ऋषि कपूर के बाद एक लंबे अरसे तक प्रशंसकों को कपूर परिवार के किसी हीरो का इंतज़ार रहा और और यह इंतज़ार रणबीर कबूर की एंट्री से ख़त्म हुआ।

रणबीर कपूर की प्रतिभा को देखकर लगता है कि वो अपने सभी बड़ों का फ्यूजऩ हैं। उनकी गिनती अभी के सफल अभिनेताओं में होती है।  कपूर परिवार की पांच पीढिय़ों में एक से बढक़र एक सफल अभिनेता और फिल्म निर्माता हुए लेकिन कोई भी शोमैन के क़द तक नहीं पहुंच पाया। साभार

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