प्राकृतिक खेती पर ‘‘किसान मेला-2023’’ का आयोजन
मुख्य अतिथि द्वारा केन्द्र पर विभिन्न इकाईयों का भ्रमण किया गया तथा सभी इकाईयों की प्रशंसा की गई। पधारे गये अतिथियों द्वारा केशव खेती एवं जलवायू समुत्थानशील कृषि में राष्ट्रीय नवाचार, प्राकृतिक खेती एवं बीटी कपास में गुलाबी सूंडी का प्रबन्धन विषय पर फोल्डर्स का विमोचन किया गया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि प्राकृतिक खेती व मोटे अनाजों की खेती आज विश्व की आवश्यकता है। मृदा एवं मानव स्वास्थ्य के लिये इन दोनों की आवष्यकता है। अतः किसानों को इस तकनीकी को धरातल पर उतारना है।
ग्रामोत्थान विद्यापीठ के सचिव सुखराज सिंह सलवारा ने प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर जोर देते हुये केन्द्र पर अपनाई गई तकनीक को समझ कर अपने खेतों पर लागु करें। जिससे मृदा , मानव एवं वातावरण को बचाया जा सके। साथ ही पशुओं को संतुलित आहार खिलायें ताकि पशु स्वस्थ रहें तथा ज्यादा दुध उत्पादन कर सके।

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