बजट सत्र - अभय सिंह चौटाला ने प्रश्र काल के दौरान हरियाणा में डार्क जोन में भूमिगत जल स्तर को बढ़ाने के लिए सरकार क्या योजना बना रही है, जैसा महत्वपूर्ण मुद्दा सदन में उठाया....
हरियाणा में पानी की बहुत कमी है और डार्क जोन एक बहुत बड़ा मुद्दा है...
भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए योजनाएं तो बहुत बड़ी-बड़ी दिखाई हैं लेकिन वास्तविकता से परे सारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं...
पिछले तीन दिन से बारिश और ओलावृष्टि हो रही है जिसके कारण सरसों की पकी-पकाई फसल बर्बाद हो गई, गेहूं की फसल 50 प्रतिशत खत्म हो गई
विधान सभा में मुझे यह पूछना था कि क्या सरकार किसानों की खराब हुई फसल का मुआवजा देगी, अगर देगी तो कितना देगी, लेकिन जिस तरह का बर्ताव मेरे साथ किया गया ऐसे में नहीं लगता कि सरकार कोई विशेष गिरदावरी करवाएगी और मुआवजा देगी....
सरकार ने सूक्षम योजना, सीधी बिजाई, चावल और तालाबों के कायाकल्प, गांवों में जोहड़ों के सौंदर्यकरण पर बहुत पैसा खर्च किया गया है। उसका कागजों में तो वर्णन किया है परंतु धरातल पर कोई काम नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से पूछा कि यह बताया जाए कि इस योजना के तहत किस-किस तालाब और गांवों में जोहड़ों के सौंदर्यीकरण पर कितना पैसा खर्च किया गया है।
भाजपा गठबंधन सरकार किसानों को कैसे कमजोर किया जाए उसके लिए योजनाएं बनाते रहते हैं। फसल बीमा के नाम पर किसानों से हजारों करोड़ रूपए लूट लिए। मुख्यमंत्री रहते चौ. ओम प्रकाश चौटाला ने फ्लड के पानी के लिए दादूपुर नलवी नहर बनवाई थी। इन्होंने वो नहर इसलिए बंद कर दी क्योंकि उससे चार जिलों के किसानों को लाभ मिलता था। नमी के नाम पर धान खरीद में हजारों करोड़ रूपए का घोटाला किया जिसकी जांच की मांग हमने की थी लेकिन आज तक कोई जांच नहीं करवाई गई। गेहंू खरीद घोटाला समेत और भी कई घोटाले किए जिनकी आज तक कोई जांच सार्वजनिक नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि बजट सत्र के लिए वह अपनी यात्रा को बीच में छोड़ कर आए हैं ताकि किसानों समेत कमेरों के मुद्दे सदन में उठा सकूं लेकिन भाजपा गठबंधन सरकार ने स्पीकर के साथ साजिश रच कर मुझे नेम कर सदन से बाहर निकाल दिया। मुझे यह कह कर नेम किया कि मैंने अपशब्द कहे। असल में अपशब्द तो स्पीकर ने कहे थे जब उन्होंने मुझे धमकी देते हुए कहा था कि वो मुझे देख लेंगे इसके लिए स्पीकर को मुझ से माफी मांगनी चाहिए।
इनेलो विधायक ने कहा कि ये भाजपा गठबंधन सरकार किसान विरोधी है। पिछले तीन दिन से बारिश और ओलावृष्टि हो रही है जिसके कारण सरसों की पकी-पकाई फसल बर्बाद हो गई। गेहूं की फसल 50 प्रतिशत खत्म हो गई। विधान सभा में मुझे यह पूछना था कि क्या सरकार किसानों की खराब हुई फसल का मुआवजा देगी अगर देगी तो कितना देगी। लेकिन जिस तरह का बर्ताव मेरे साथ किया गया, ऐसे में नहीं लगता कि सरकार कोई विशेष गिरदावरी करवाएगी और मुआवजा देगी। आज नकली खाद, बीज, कीड़ेमार दवाइयां की बात की जा सकती थी लेकिन जब भी हम किसानों के मुद्दों को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लेकर आते हैं तो सरकार भाग खड़ी होती है। बहुत सारे मुद्दे ऐसे हैं जो मुझे सदन में उठाने थे जिनके अंदर पैसा लैपस हुआ। इन्होंने कागजों में फर्जी पैसा खर्च करके दिखा रखा है जो असल में लगा ही नहीं।
अभय सिंह चौटाला ने स्पीकर से संबंधित पंचकूला के मामले पर कहा कि उनके पास बहुत सारे दस्तावेज हैं और दस्तावेजों के लिए भी जिम्मेदारी लगाई हुई है। जब पूरे दस्तावेज मिल जाएंगे तो उस दिन यह मुद्दा विधान सभा में उठाएंगे और प्रेस के सामने भी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कहने को तो कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है लेकिन बड़ी शर्मनाक बात है कि जब कोई नया मुद्दा रखता हूं तो कांग्रेस भाजपा गठबंधन सरकार के साथ मिल जाती है।

कोई टिप्पणी नहीं
एक टिप्पणी भेजें