देश की उच्चतम न्यायालय ने विपक्षियों को झटका दिया: प्रधानमंत्री



तेलंगाना: विपक्षी नेताओं के खिलाफ विभिन्न केंद्रीय जांच एजेंसी के कथित मनमाने इस्तेमाल के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाले कुछ राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज करके इन दलों को करारा ‘झटका’ दिया है। मोदी ने कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखने और उद्घाटन करने के बाद यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार से सहयोग की कमी के कारण तेलंगाना में कई केंद्रीय परियोजनाओं के पूरा होने में देरी हो रही है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव सिकंदराबाद और तिरुपति के बीच वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। उन्होंने तेलंगाना में कई विकास परियोजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रमों में भी भाग नहीं लिया। राव एक साल से अधिक समय से राज्य में मोदी के दौरों में उनके कार्यक्रमों में शामिल नहीं हुए हैं। मोदी ने राव की अगुवाई वाली भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नीत सरकार से राज्य के लोगों के वास्ते विकास की योजनाओं में कोई बाधा नहीं पहुंचाने की अपील की। उन्होंने राज्य में केंद्र की योजनाओं को लेकर सत्तारूढ़ दल के कथित असहयोग पर ‘दुख’ व्यक्त किया।

उन्होंने वंशवाद की राजनीति की निंदा करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने वंशवादी ताकतों के भ्रष्टाचार की असली जड़ पर प्रहार किया है जो हर व्यवस्था पर अपना नियंत्रण रखना चाहती हैं। मोदी ने कहा कि हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ लडऩा चाहिए या नहीं? हमें भ्रष्टाचारियों के खिलाफ लडऩा चाहिए या नहीं? देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराना चाहिए या नहीं? क्या भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए, भले ही वे (भ्रष्टाचारी) बड़े हों या नहीं। क्या कानून को भ्रष्टाचारियों के खिलाफ काम करने देना चाहिए या नहीं? उन्होंने कहा कि इसलिए ‘ये लोग’ परेशान है और वे गुस्से में सब कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने किसी का नाम लिये बिना कहा कि कुछ दिन पहले कुछ राजनीतिक दल न्यायालय में संरक्षण मांगने गए थे कि कोई उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की मांग न करे। कांग्रेस के नेतृत्व में 14 राजनीतिक दलों ने हाल में उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि विपक्षी नेताओं और असहमति के अपने मौलिक अधिकार का इस्तेमाल करने वाले अन्य नागरिकों के खिलाफ कठोर आपराधिक मुकदमों में खतरनाक वृद्धि हुई है। शीर्ष अदालत ने याचिका पर विचार करने से मना करते हुए कहा कि नेताओं के पास उच्चतर प्रतिरक्षा नहीं है।
प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने पांच अप्रैल को इस याचिका पर विचार करने को लेकर अनिच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए किसी का नाम लिए बिना कहा कि परिवारवाद और भ्रष्टाचार एक-दूसरे से अलग नहीं है। 
















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